सलाखों के पीछे सरगना लॉरेंस बिश्नोई तो कौन चला रहा गैंग... 5 हैंडलर ने संभाल रखी 'शैडो कैबिनेट'
जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह को अब 'शैडो कैबिनेट' चला रही है, जो विदेशों से अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस को अंजाम देती है।

गैगस्टर लॉरेंस बिश्नोई। (फाइल फोटो।)
HighLights
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की 'शैडो कैबिनेट' विदेशों से सक्रिय।
रोहित गोदारा, गोल्डी बराड़ का अभी भी पूरा नियंत्रण।
अनिल पंडित सोशल मीडिया पर गैंग का मुख्य प्रवक्ता।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर जानलेवा हमले कोशिश के मामले में एक बार फिर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया है। ऐसे में एक सवाल उठ रहा है कि इस गिरोह का कुख्यात सरगना लॉरेंस बिश्नोई जब गुजरात की साबरमती जेल की एक हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद है तो असल में इस नेटवर्क को कौन चला रहा है?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि लॉरेंस के खास सहयोगियों की एक 'शैडो कैबिनेट' (गुप्त कैबिनेट) चल रही है, जो विदेशों में सुरक्षित ठिकानों से बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने ऑपरेशंस को अंजाम देती है।
शैडो कैबिनेट में कौन-कौन?
इस गिरोह में टाइसन बिश्नोई, अनिल पंडित, हरि बॉक्सर, हरमन संधू और हिमांशु सोनीपत शामिल हैं। ये लोग नए लोगों को भर्ती करने, उन्हें काम सौंपने और लॉजिस्टिक्स का इंतजाम करने का काम करते हैं और आपस में स्क्रीनशॉट भी साझा करते हैं।
आरजू बिश्नोई, शुभम लोनकर और रणदीप मलिक का एक अलग गिरोह है जो योजना बनाने, फंडिंग जुटाने और टारगेट चुनने का काम संभालता है। गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों भी इसका हिस्सा था, लेकिन एफबीआई के ऑपरेशन हार्डबॉल शुरू करने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया।
कैसे दिया जाता है निर्देश?
अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कुछ हिस्सों से काम करते हुए इनका कमांड स्ट्रक्चर डिजिटल डराने-धमकाने और जमीनी स्तर पर वारदातों को अंजाम देने की निगरानी करता है। ये लोग सिग्नल, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए स्थानीय गुर्गों को निर्देश देते हैं।
सूत्रों के अनुसार, गिरोह के मुख्य सरगना रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ का अभी भी पूरा नियंत्रण है। उन्होंने जांचकर्ताओं को गुमराह करने के लिए लॉरेंस से अलग होने का झूठा दिखावा किया है।
एक जांचकर्ता ने बताया, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित ठिकानों से काम करने वाले ये बड़े मास्टरमाइंड, नेटवर्क के निचले स्तर के गुर्गों को रणनीतिक दिशा-निर्देश, आर्थिक मदद और सीमा पार से सुरक्षा मुहैया कराते हैं।"
माउथपीस है अनिल पंडित
मुख्य सार्वजनिक प्रवक्ता अनिल पंडित है। वह सोशल मीडिया पर गैंग के घोषणापत्र और जबरन वसूली की धमकियां पोस्ट करता है। पानीपत का रहने वाला यह व्यक्ति सिद्धू मूसेवाला की हत्या के एक साल बाद कनाडा के रास्ते अमेरिका चला गया था।
हाल ही में हिमांशु ने सोनीपत में हरियाणवी गायक दिलेर खड़किया की रेंज रोवर पर की गई गोलीबारी और 20 अगस्त को हिसार कोर्ट परिसर के बाहर विरोधी गैंगस्टर विनोद काना की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
जहां टाइसन सार्वजनिक हस्तियों को ऑनलाइन धमकियां देता है, वहीं हरि जमीनी स्तर पर जबरन वसूली का काम संभालता है और हरमन स्थानीय गुर्गों के जरिए विदेशों से लॉजिस्टिक्स का समन्वय करता है।
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