नई दिल्ली, जेएनएन। जम्मू-कश्मीर में रमजान के पाक महीने में भी आतंकी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह से घाटी में तनाव बढ़ता जा रहा है। आतंकवादियों ने गुरुवार सुबह एक रायफलमैन को अगवा कर लिया वहीं सुरक्षाबलों पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मार गिराए गए। इस दौरान एक सैनिक भी शहीद हो गया। इधर पत्थरबाजों ने सीआारपीएफ के एक वाहन को निशाना बनाया।

ईद मनाने जा रहा था रायफलमैन
आतंकियों ने गुरुवार को पुंछ जिले के रहने वाले रायफलमैन औरंगजेब को अगवा कर लिया। वह ईद मनाने के लिए अपने घर जा रहा था। मुगल रोड पर यह घटना सुबह करीब 9 बजे हुई। बताया जा रहा है कि औरंगजेब सुबह नौ बजे एक निजी वाहन से शोपियां की तरफ आ रहे थे, तभी कलमपोरा के पास आतंकियों ने वाहन को रुकवाया और उन्हें अगवा कर लिया। औरंगजेब आतंकी समीर टाइगर के खिलाफ चलाए गए सेना के ऑपरेशन में मेजर शुक्ला के साथ थे। उनकी पोस्टिंग 44RR शादीमार्ग में थी।

कौन था समीर टाइगर
बताते चलें कि समीर टाइगर 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। समीर पुलवामा का रहने वाला है और हिजबुल के कई हमलों में शामिल हो चुका है। बुरहान वानी के बाद समीर को कश्मीर के पोस्टर ब्वॉय के रूप में पेश किया गया था। समीर ने आतंकी वसीम के जनाजे में शामिल होकर फायरिंग भी की थी।

जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी ढेर
गुरुवार को घाटी के बांदीपुरा के पनार में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया, जिसका सुरक्षा बलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया। जवाबी कार्रवाई में सेना ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इस दौरान सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच गोलाबारी में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया।
फिलहाल इलाके में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है। आतंकियों की तलाश की जा रही है वहीं, इससे पहले संदिग्ध आतंकियों द्वारा अगवा SOG जवान को रिहा करा लिया गया है। इससे पहले बुधवार को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में संदिग्ध आतंकवादियों की गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी और उसकी बहन घायल हो गए थे। आतंकवादी पुलिसकर्मी के घर में घुस गए थे और लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी थी। इस दौरान सुरक्षा बल और आतंकियों के बीच जबर्दस्त गोलीबारी हुई।

सीआारपीएफ के वाहन पर पत्थरबाजी
सीआइएसएफ के वाहन पर पत्थरबाजी की। इस हमले के बाद जवान जान बचाकर वहां से निकल गए।

सीजफायर में 42 बार सुरक्षाबलों पर हमले, पाकिस्तान भी बाज नहीं आया
भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली के लिए रमजान के महीने में सैन्य ऑपरेशन रोकने का फैसला लिया था, लेकिन आतंकी घटनाओं में कमी नहीं आई। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर 42 बार हमले किए। आतंकियों ने घाटी में अलग-अलग इलाकों में 19 ग्रेनेड अटैक किए। इस दौरान सुरक्षा बलों ने कश्मीर में तीन घुसपैठ की कोशिशों को भी नाकाम किया और 14 आतंकियों को मार गिराया वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सीजफायर का उल्लंंघन किया गया।
पाकिस्तान 29 मई से अब तक एलओसी पर 12 से ज़्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन कर चुका है। अभी 29 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर की बातचीत भी हुई थी, जिसमें 2003 के संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन फिर भी पाकिस्तान नापाक हरकत कर रहा है और सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है।

समीक्षा के बाद सीजफायर पर होगा फैसला
गृहमंत्रालय ने आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन पर ईद तक रोक लगाई थी। इसे रमज़ान सीज़फायर कहा गया था। अब ईद आने वाली है। इसको लेकर सरकार इस फैसले की समीक्षा करेगी। गुरुवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें फैसला होगा कि क्या सीजफायर जारी रहेगा या फिर हटेगा। नज़र इस बात पर भी रहेगी कि क्या सरकार सीजफायर को अमरनाथ यात्रा तक बढ़ाएगी या नहीं। बता दें कि हाल ही में राजनाथ सिंह ने दो दिन का जम्मू-कश्मीर दौरा किया था, जहां उन्होंने हालात का जायजा लिया था।

अमरनाथ यात्रा के लिहाज से भी अहम है बैठक
ये बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि जल्द ही अमरनाथ यात्रा शुरू होने वाली है। अमरनाथ यात्रा पर हमेशा ही आतंकियों की बुरी नज़र रहती है, ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए इस बैठक पर बड़ा फैसला हो सकता है। इस बार अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है।

 

Posted By: Jagran News Network