'ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाया जाए', DMK ने SIR पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन का किया समर्थन
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' ...और पढ़ें

DMK ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की
HighLights
DMK ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा।
'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' रद कर बैलेट पेपर से चुनाव की मांग।
CEC के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन को DMK का समर्थन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) में हुई गड़बड़ी के दावे के समर्थन करते हुए SIR को रद करने और फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही है।
डीएमके ने छात्रों के उस विरोध-प्रदर्शन का समर्थन या है, जो कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहा है।
SIR के खिलाफ छात्रों के समर्थन में DMK
चेन्नई में आज शनिवार, 17 अक्टूबर को DMK के पार्टी मुख्यालय में संसदीय दल की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने की। इस बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए गए।
- CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
- SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों के प्रति एकजुटता दिखाना
- कांग्रेस तथा 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) पर इस मुद्दे को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
- EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव
DMK की यह मांग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे व्यापक राजनीतिक अभियान के बीच आई है। विपक्षी गुट उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और उन्होंने 'तिरंगा मार्च' निकालने की भी घोषणा की है।
DMK ने उठाया था SIR में गड़बड़ी का मुद्दा
समाचार एजेंसी एएनआइ की रिपोर्ट के मुताबिक, डीएके की बैठक में पारित हुए प्रस्ताव में कहा गया है कि जुलाई 2025 में स्टालिन ने SIR का विरोध किया था। उस समय बिहार से ऐसी खबरें आई थीं कि वहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
बिहार पहला राज्य था जहां यह प्रक्रिया लागू की गई थी। स्टालिन ने बिहार में 'मतदाता अधिकार यात्रा' में भी हिस्सा लिया था। उनके साथ DMK की उप-महासचिव और संसदीय दल की नेता कनिमोझी करुणानिधि भी मौजूद थीं।
पार्टी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को चुनाव आयोग द्वारा तमिलनाडु सहित 12 राज्यों में SIR (मतदाता सूची पुनरीक्षण) कराने की घोषणा के बाद स्टालिन ने चिंता जताई थी।
स्टालिन ने आरोप लगाया था कि BJP इस प्रक्रिया को तमिलनाडु तक फैलाना चाहती है, जो मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करने की एक साजिश का हिस्सा है।
DMK ने नवंबर और दिसंबर के महीनों में यह पुनरीक्षण प्रक्रिया कराने पर भी आपत्ति जताई थी, जिसका कारण मानसून और त्योहारों का मौसम बताया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी के सांसदों ने संसद में कई बार इस प्रक्रिया और पात्र मतदाताओं पर इसके संभावित असर को लेकर चिंता जताई थी।
