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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र-राज्य संबंधों में क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका अहम

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Tue, 29 Sep 2015 06:00 PM (IST)Updated: Tue, 29 Sep 2015 06:13 PM (IST)

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राजग सरकार क्षेत्रीय परिषदों के जरिये राज्य सरकारों के साथ नियमित बातचीत ...और पढ़ें

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पणजी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राजग सरकार क्षेत्रीय परिषदों के जरिये राज्य सरकारों के साथ नियमित बातचीत करना चाहती है। मंगलवार को पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की 21वीं बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया से केंद्र और राज्य के बीच आपसी समन्वय बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी क्षेत्र देश का आर्थिक केंद्र है। इस केंद्र में आने वाले गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा की गिनती देश के सबसे विकसित राज्यों में होती है।

पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल, गोवा के सीएम लक्ष्मीकांत पारसेकर, दादरा-नागर हवेली व दमन और दीव के प्रशासकों ने भाग लिया। कई केंद्रीय मंत्री भी बैठक में मौजूद थे। मई 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से यह क्षेत्रीय परिषद की चौथी बैठक थी। इस दौरान केंद्र और राज्य आपसी सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। इसके अलावा गतिरोधों के समाधान पर भी चर्चा की जाती है।

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