नई दिल्ली, एएनआइ। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शुक्रवार को उनके सामने सूचीबद्ध सभी दस मामलों में नोटिस जारी किए। गोगोई का आज यानी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कार्य दिवस है। वह 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ने कोर्ट में मात्र 3 मिनट बिताए। उनके सामने सुनवाई के लिए 10 मामले रखे गए, जिन सभी पर उन्होंने नोटिस जारी कर दिया और कोर्टरूम से चले गए। बता दें कि शाम को सुप्रीम कोर्ट में उनका विदाई समारोह है। ऐसे गोगोई रविवार को रिटायर हो जाएंगे।

जस्टिस रंजन गोगोई को 3 अक्टूबर 2018 को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। जहां मुख्य न्यायाधीश गोगोई के सेवानिवृत्त होने के दो दिन पहले, मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे के साथ अदालत नंबर एक में बैठकर नोटिस जारी किया। 

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष राकेश खन्ना ने चीफ जस्टिस गोगोई के खुशहाल जीवन की कामना की। उन्होंने शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए भी धन्यवाद दिया।

असम ने देश को एक बेहतरीन मुख्य न्यायाधीश दिया

सुप्रीम कोर्ट में गोगोई के सहयोगी अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि असम ने देश को एक बेहतरीन मुख्य न्यायाधीश दिया है। सभी के लिए स्वीकार्य समाधान खोजना आसान काम नहीं था। मुख्य न्यायाधीश गोगोई ने इस काम को प्रतिबद्धता से किया।

बिरादरी को गौरवान्वित किया

अभी हाल ही में चीफ जस्टिस द्वारा अयोध्या मामले पर फैसला सुनाया गया। अगले नामित मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े ने भी सीजेआई गोगोई की अयोध्या मामले में फैसले की भूमिका के लिए सराहना की और कहा कि उन्होंने बिरादरी को गौरवान्वित किया है।

Posted By: Nitin Arora

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