'SIR के नाम पर देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल गांधी और विपक्ष', बोले रामदास आठवले
रामदास आठवले ने SIR को लेकर विपक्ष के 13 करोड़ वोट काटे जाने के दावों को भ्रामक बताया है।
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रामदास आठवले ने SIR पर 13 करोड़ वोट काटने के दावे को गलत कहा
HighLights
रामदास आठवले ने SIR पर 13 करोड़ वोट काटने के दावे को गलत कहा
SIR प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाने के लिए है
भारत निर्वाचन आयोग संवैधानिक संस्था है, उस पर आरोप लगाना गलत
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा कि 13 करोड़ वोट काटे जाने का दावा पूरी तरह असत्य है।
रामदास आठवले ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चिन्हित किया गया है।
इन प्रविष्टियों का चिन्हित होना अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का प्रमाण नहीं है तथा पात्र मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है।
माननीय रामदास आठवले ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 13 करोड़ नाम विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 2.8 करोड़ मृत, 3 करोड़ अनुपस्थित/लापता, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा लगभग 1 करोड़ दोहरी/एकाधिक प्रविष्टियां शामिल हैं।
रामदास आठवले ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना, फर्जी एवं दोहरी प्रविष्टियों पर अंकुश लगाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है।
रामदास आठवले ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके विरुद्ध बिना तथ्य एवं प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के विरुद्ध है। विपक्ष को राजनीतिक भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
रामदास आठवले जी ने कहा कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं के पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों से बचना चाहिए।
उन्हें डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी के विचारों का अनुसरण करते हुए युवाओं के अधिकारों एवं न्याय के लिए सकारात्मक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
रामदास आठवले ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में NDA को देश की जनता ने ऐतिहासिक जनादेश दिया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना विपक्ष के दोहरे राजनीतिक रवैये को दर्शाता है।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे SIR को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों से सावधान रहें तथा मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूचना तंत्र पर ही भरोसा करें।
आठवले ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद हैं और SIR इसी व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया है।
