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ट्रेन में स्पीकर पर फोन चलाया तो सीधे जेल, लग सकता है भारी जुर्माना; यात्रा से पहले जान लें रेलवे का नया नियम

Published: Mon, 19 Oct 2026 12:08 PM (IST)Updated: Mon, 19 Oct 2026 12:12 PM (IST)

दक्षिण रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर मोबाइल पर तेज आवाज में गाने या वीडियो देखने वाले यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

(यह तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर मोबाइल फोन को स्पीकर पर गाने सुनने या वीडियो देखने वाले यात्रियों पर अब रेलवे सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।

दक्षिण रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस तरह से अन्य यात्रियों को परेशान करने वालों पर 1000 का जुर्माना लगाया जाएगा और उन्हें ट्रेन या स्टेशन से बाहर भी निकाला जा सकता है। नियम बार-बार तोड़ने पर 5000 तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।

रेलवे कानून के तहत तय की गई सजा

सस्ते इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के बाद से ट्रेनों में स्पीकर पर रील, वीडियो या गाने चलाना एक आम समस्या बन चुका है। इससे आसपास बैठे अन्य यात्रियों के सफर में काफी खलल पड़ता है। यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए दक्षिण रेलवे ने अपने सभी मंडलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे एक्ट के अनुसार, ट्रेन या रेलवे परिसर में स्पीकर पर गाने बजाने, तेज आवाज में बात करने या सार्वजनिक उपद्रव करने पर 1000 का जुर्माना और ट्रेन या स्टेशन से बाहर निकाला जा सकता है।

रेलवे अधिकारी के निर्देश के बाद भी नियम तोड़ने पर 5000 तक का जुर्माना या 6 महीने तक की कैद या दोनों हो सकती है।

मेट्रो और अन्य रेलवे जोन में भी लागू हो सकता है नियम

अधिकारियों के अनुसार, यह नियम देश के अन्य रेलवे जोनों और मेट्रो रेल नेटवर्क में भी लागू किया जा सकता है। मेट्रो के मौजूदा नियमों में भी सह-यात्रियों को परेशानी में डालने वालों पर जुर्माना लगाने और कोच से बाहर निकालने का प्रावधान है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) और वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर ही ₹1,000 का जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है।

कार्रवाई के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों को जागरूक करने के लिए घोषणाएं की जाएंगी। यह अभियान हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए चलाया जाएगा, ताकि लोग ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल करें और फोन पर भी जोर-जोर से बात करने से बचें।

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