रेलवे, मेट्रो या बुलेट ट्रेन... जानिए कहां मिलती है ड्राइवर को सबसे ज्यादा सैलरी?
यह लेख भारतीय रेलवे, मेट्रो और भविष्य की बुलेट ट्रेन के ड्राइवरों की सैलरी का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

किस ड्राइवर की सैलरी सबसे ज्यादा? (जागरण ग्राफिक्स)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में रेलवे नेटवर्क लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहले भारतीय रेलवे फिर मेट्रो और अब बुलेट ट्रेन का सपना भी लगभग पूरा होता दखाई दे रहा है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ट्रायल अगले साल मई-जून के महीने में शुरू हो जाएगा।
जब भारत में रेलवे का विस्तार तेजी से हो रहा है ऐसे में समय में युवाओं में ट्रेन ड्राइवर, मेट्रो ऑपरेटर और भविष्य में बुलेट ट्रेन चालने वाले कर्मचारियों को लेकर दिलचस्पी बढ़ी है। कई लोगों के मन में यह भी सवाल होता है कि आखिर रेलवे में नौकरी कैसे लगती है और ट्रेन के ड्राइवर को कितनी सैलरी मिलती है।
इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आखिर ट्रेन के लोको पायलट, मेट्रो ऑपरेटर और बुलेट ट्रेन के ड्राइवर में किसकी सैलरी सबसे ज्यादा होती है?
रेलवे लोको पायलट की सैलरी कितनी होती है?
भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेन चलाने वाले कर्मचारियों को लोको पायलट कहा जाता है। युवाओं के लिए यह एक आकर्षक नौकरी है क्योंकि इसमें अच्छी सैलरी के साथ कई तरह के अन्य लाभ मिलते हैं। नौकरी की शुरुआत सीधे लोको पायलट के रूप में नहीं होती है।
उम्मीदवार पहले असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के पद पर नियुक्त होते हैं। सातवें वेतन आयोग के अनुसार ALP का शुरुआती बेसिक वेतन 19,900 रुपये प्रति माह है, जो पे लेवल-2 के अंदर आता है। इसके अलावा महंगाई भत्ता, रनिंग अलाउंस और अन्य भत्ते भी इसमें जुड़े होते हैं।
कैसे बढ़ती है लोको पायलट की सैलरी?
समय के साथ अनुभव पाने और प्रमोशन मिलने पर कर्मचारी सीनियर लोको पायलट जैसे ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं। रनिंग ड्यूटी और अलग भत्तों के कारण अनुभवी लोको पायलट की कुल मासिक आय लगभग 80 हजार से एक लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकती है।
मेट्रो ट्रेन ऑपरेटर की कितनी होती है सैलरी?
मेट्रो ट्रेन चलाने वाले कर्मचारियों को मेट्रो ट्रेन ऑपरेटर कहा जाता है। इनकी सैलरी अलग-अलग शहरों और मेट्रो कंपनियों के अनुसार अलग-अलग होती है। यह पद, अनुभव और ग्रेड पर निर्भर करता है।
शुरुआती लेवल पर महीने की सैलरी करीब 30 हजार से 40 हजार रुपये तक हो सकती है। एक्सपेरियंश और प्रमोशन के बाद यह 70 हजार से 90 हजार रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
बुलेट ट्रेन ड्राइवर की कितनी होगी सैलरी?
भारत में पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर है। हालांकि अबू यह ट्रेन शुरू नहीं हुई है। इसलिए बुलेट ट्रेन ड्राइवर की सैलरी कितनी होगी अभी अंदाजा लगाना मुश्किल है। इंटरनेट पर प्रचलित कई आंकड़ों को आधिकारिक सरकारी सैलरी नहीं माना जाना चाहिए।
