ट्रेन में बीच की सीट मिली है? सोने को लेकर क्या है मिडिल बर्थ का नियम जानिए
रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्री रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रेन में सो सकते हैं, और ...और पढ़ें
-1788791027667_m.webp)
(यह तस्वीर AI से बनाई गई है)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ट्रेन में सफर करना हर किसी को पसंद होता है। अक्सर लोग लंबी दूरी की यात्री के लिए ट्रेन को इसलिए चुनते हैं ताकि आराम से पूरे सफर के दौरान सो कर जा सके।
लेकिन क्या आप जानते हैं ट्रेन में आप कभी भी सो नहीं सकते। ट्रेन में सोने को लेकर पर भी नियम है। आज हम आपको ट्रेन में सोने का नियम बताएंगे कि रात को सोने का क्या वक्त होता है और सुबह कब तक आपको कोई परेशान नहीं कर सकता है।
सोने को लेकर क्या कहता है रेलवे का नियम?
अब बात आती है ट्रेन में सोने के नियम कि तो आप ट्रेन में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक सो सकते हैं। यह समय रेलवे द्वारा निर्धारित है। इस दौरान कोई भी आपको परेशान नहीं कर सकता।
इस दौरान मिडिल बर्थ वाले पैसेंजर का अपनी सीट पर पूरा हक होता है, इस समय के दौरान उसे कोई अन्य यात्री अपनी सीट खोलने से मना नहीं कर सकता। अगर इस दौरान आपको कोई परेशान करता है तो आप इसकी शिकायत टीटीई से कर सकते हैं।
टीटीई भी आमतौर पर इस दौरान टिकट चेक करने नहीं आते हैं, हालांकि अगर यात्रा रात को 10 बजे शुरू हो रही है तो आपका टिकट चेक किया जा सकता है।
ट्रेन में रात 10 बजे के नियम
ट्रेन यात्रा के दौरान रात 10 बजे के बाद कई सख्त नियम लागू हो जाते हैं। इस समय के बाद जोर से बात करना या फोन पर बात करना मना है। म्यूजिक सुनने वाले यात्रियों को भी सावधान रहना चाहिए, क्योंकि 10 बजे के बाद म्यूजिक बजाने पर जुर्माना लग सकता है। टीटीई के लिए भी एक नियम है, रात 10 बजे के बाद वे टिकट चेक करने के नाम पर यात्रियों को परेशान नहीं कर सकते।
अगर आप कभी ट्रेन में सफर कर रहे हों, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें। रात 10 बजे से पहले आप मिडिल बर्थ पर सो नहीं पाएंगे। देर रात तक जागने की आदत वाले यात्री भी मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि दूसरे यात्रियों को किसी भी तरह परेशान करना अनुमति नहीं है।
