जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एक लाख रुपये की रिश्वत के आरोप में सीबीआइ ने मुंबई में तैनात रेलवे के प्रिंसिपल चीफ मैकेनिकल इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया है। बाद में उसके ठिकानों पर मारे गए छापे में 23 लाख रुपये नकद, 40 लाख के जेवरात के साथ-साथ नोएडा, हरिद्वार, देहरादून और दिल्ली में आठ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और एनआरआइ खाते में दो लाख डालर के दस्तावेज मिले हैं।

बिल पास करने के लिए कंपनी से एक लाख रुपये की मांग की

सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सेंट्रल रेलवे के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर अशोक कुमार गुप्ता ने एक बिल पास करने के लिए कोलकाता की एक कंपनी से एक लाख रुपये की मांग की थी। कोलकाता के कांट्रैक्टर ने मुंबई स्थित अपने पार्टनर के माध्यम से उसे भिजवाया। रिश्वत की रकम इंजीनियर के आफिस के ड्राइवर को दी गई। सीबीआइ ने इंजीनियर, उसके ड्राइवर और कोलकाता की कंपनी के पार्टनर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में सीबीआइ ने मुंबई, कोलकोता, गाजियाबाद, नोएडा, देहरादून और दिल्ली स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा।

छापे में 23 लाख रुपये नकद के साथ 40 लाख के हीरे व ज्वेलरी बरामद

सीबीआइ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इंजीनियर के यहां मारे गए छापे में 23 लाख रुपये नकद के साथ 40 लाख के हीरे व ज्वेलरी बरामद किये गए। इसके साथ ही उसके आठ करोड़ रुपये से अधिक निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं। इंजीनियर और उसके परिवार के सदस्यों के नाम सिंगापुर और अमेरिका में तीन बैंक एकाउंट का भी पता चला है, जिनमें दो लाख डालर जमा हैं। इसके अलावा एक बैंक लाकर का पता चला है, बुधवार को इसी तलाशी ली जाएगी।

Edited By: Arun kumar Singh

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