सनातन के अपमान पर राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ वाराणसी और दिल्ली में मुकदमा दर्ज
संसद परिसर में हुए राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

सनातन के अपमान पर राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज(फाइल फोटो)
HighLights
राहुल गांधी, पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद पर वाराणसी में FIR.
संसद परिसर में सनातन धर्म के अपमान का आरोप.
भाजपा ने दिल्ली में भी दर्ज कराई शिकायत.
जागरण टीम, नई दिल्ली। संसद परिसर में शुक्रवार को हुए राजनीतिक स्वांग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद और बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ वाराणसी की कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
इस मामले में सांसद बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के डीसीपी से मिलकर शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
वाराणसी में शनिवार को बड़ी संख्या में साधु-संत डीसीपी काशी जोन कार्यालय पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पातालपुरी मठ, नरहरिपुरा के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य की ओर से तहरीर दी गई।
इसमें कहा गया है कि संसद परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंदू संत परंपरा, भगवान श्रीराम मंदिर और श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित पवित्र दान का प्रतीकात्मक और नाटकीय प्रदर्शन कर सनातन धर्म की धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया।
पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर स्वयं को हिंदू साधु के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद ने श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित दान का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। भगवा वस्त्र, संतों का स्वरूप और श्रीराम मंदिर से जुड़े प्रतीक करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र हैं।
उनका राजनीतिक प्रदर्शन में इस प्रकार उपयोग धार्मिक परंपरा का उपहास और अपमान है। यह प्रदर्शन पूर्व नियोजित था और सभी प्रतिभागियों की भूमिकाएं पहले से तय थीं।
नई दिल्ली में भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विपक्ष ने सनातन संस्कृति का मजाक बनाया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद पप्पू यादव व अवधेश प्रसाद के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूरी घटना की संरचना की थी।
उन्होंने कहा कि शिकायत सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आडियो-वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है, इसलिए पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकार्डिंग, मीडिया कवरेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित करने की मांग की गई है।
बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
वाराणसी कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 3(5), 196, 299 और 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बीएनएस 3(5) में दो या दो से अधिक व्यक्ति किसी अपराध को समान उद्देश्य मिलकर अंजाम देते हैं, तो उसमें शामिल सभी संलिप्तता मानी जाएगी।
अधिकतम सजा तीन से पांच वर्ष। धारा 196 में धर्म, जाति, भाषा, निवास, समुदाय आदि के आधार पर समूहों में घृणा व वैमनस्य फैलाना, जिससे शांति भंग होने या सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका हो। अधिकतम सजा तीन वर्ष।
धारा 299 में किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य से अपमान करना, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। इसमें भी अधिकतम सजा तीन वर्ष तक है। इन धाराओं में अधिकतम सजा सात वर्ष से कम है, इसलिए वर्तमान में गिरफ्तारी का प्रविधान नहीं है।
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