विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पिनाराई विजयन को गले नहीं लगा सकता', राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद दिखने लगीं गठबंधन की दरारें

Published: Sun, 14 Jun 2026 11:12 AM (IST)

राहुल गांधी के पिनाराई विजयन को गले न लगाने के बयान से विपक्षी गठबंधन 'इंडी' में दरारें सामने आ गई ...और पढ़ें

राहुल गांधी की टिप्पणी से राजनीतिक हलचल तेज। (फाइल फोटो)

राहुल गांधी की टिप्पणी से राजनीतिक हलचल तेज। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राहुल गांधी ने विजयन को गले लगाने से इनकार किया।

  2. केरल में कांग्रेस-सीपीएम की राजनीतिक लड़ाई का हवाला दिया।

  3. विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की एकता पर उठे सवाल।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन अंदरूनी कलह से जूझ रहा है। कांग्रेस और वामपंथी दलों के बीच दरारें आ गई हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपने सहयोगियों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीएम के कद्दावर नेता पिनाराई विजयन को गले लगाने से इनकार कर दिया था।

इंडी गठबंधन की 8 जून की बैठक के एक ऑडियो भाषण में राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना गया कि वह विजयन को गले नहीं लगाएंगे क्योंकि उनके साथ उनकी राजनीतिक लड़ाई चल रही है।

'मैं ऐसा नहीं कर सकता'

उन्हें यह कहते हुए सुना गया, "हमारी लड़ाइयां होती हैं लेकिन अगर आप मुझसे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री को गले लगाने के लिए कह रहे हैं तो मैं ऐसा नहीं कर सकता और न ही करूंगा, क्योंकि उनके साथ मेरी राजनीतिक लड़ाई चल रही है।"

केरल में सीपीएम और कांग्रेस एक-दूसरे की घोर विरोधी हैं। कांग्रेस ने हाल ही में विजयन को लगातार दो बार सत्ता में रहने के बाद सत्ता से हटाया है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर दोनों सहयोगी हैं।

विपक्षी एकता पर उठने लगे सवाल

गांधी की टिप्पणी से गठबंधन में बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जिससे विपक्ष की एकता के भविष्य पर सवाल उठने लगे। विजयन ने कहा कि उनके बीच गले मिलने का रिवाज नहीं है और उनकी बातचीत आम तौर पर औपचारिक अभिवादन या हाथ मिलाने तक ही सीमित रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने की तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हुई थीं।

विजयन ने पत्रकारों से कहा, "मुझे गले लगाने के काम से कोई आपत्ति नहीं है। मुझे चिंता उस टिप्पणी के पीछे छिपे राजनीतिक संदेश को लेकर है। यह राहुल गांधी के नजरिए और इंडी गठबंधन के बारे में उनकी सोच को दर्शाता है।"

लेफ्ट ने बढ़ाया दबाव

लेफ्ट ने अपने गठबंधन सहयोगी पर दबाव बढ़ा दिया है। सीपीआईएम के जनरल सेक्रेटरी और पूर्व सांसद एमए बेबी ने कहा कि किसी ने भी राहुल गांधी से विजयन को गले लगाने के लिए नहीं कहा है, लेकिन उन्हें विजयन की गिरफ्तारी की मांग करना बंद कर देना चाहिए। वहीं, पार्टी सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह गले लगाने का नहीं, बल्कि इंडी ब्लॉक की राजनीति की ईमानदारी का सवाल है।

इसके अलावा वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने कहा, "हमें किसी से गले नहीं मिलना है। कम्युनिस्टों को गले मिलने की जरूरत नहीं है। हमें साफ-सुथरी राजनीति चाहिए। राहुल गांधी आप अपने गले मिलने को अपने तक ही सीमित रखें। लेकिन विपक्ष के नेता के तौर पर कृपया पिनराई विजयन जैसे विपक्षी नेताओं का सम्मान करें।"

बीजेपी ने किया हमला

बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया और विपक्षी गुट को 'सुविधा का गठबंधन' करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "इंडी गठबंधन में सिर्फ फूट है और कोई मिशन नहीं है। यह सिर्फ कागजों पर है, असल में नहीं। दल फोटो खिंचवाने के लिए मिल सकते हैं पर दिल नहीं मिल सकते।"

यह भी पढ़ें: 'ईडी और मोदी सरकार के मददगार बनना बंद करें राहुल गांधी', विजयन पर टिप्पणी से भड़की माकपा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।