क्वाड विदेश मंत्रियों की अटलांटा में बैठक, हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर गहन चर्चा
अमेरिका के अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक संपन्न हुई, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

6 महीने में तीसरी बार हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक।
HighLights
अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की तीसरी बैठक संपन्न।
हिंद-प्रशांत सुरक्षा और समुद्री सहयोग पर हुई चर्चा।
आपूर्ति शृंखला, तकनीक, खनिजों पर भी मंथन।
जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। यूक्रेन विवाद और पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते जारी वैश्विक अस्थिरता के बीच क्वाड के चारों देशों ने शनिवार को यह संकेत दिया है कि उनके लिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जारी अस्थिरता अभी भी प्राथमिकता पर है। भारत, अमेरिका, जापान व ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की बैठक में आर्थिक संपन्नता और सुरक्षा पर एक व्यापक एजेंडा जारी किया गया है जिसे विशेषज्ञ क्वाड के पिछले तकरीबन एक दशक के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण प्रपत्र मान रहे हैं।
एजेंडे की खास बातों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, समृद्धि और नौवहन को सुरक्षित बनाना, आपूर्ति शृंखला की निरंतरता को मजबूत करना, टेक्नोलाजी, क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना, बढ़ते आर्थिक तनावों का मुकाबला, आतंकवाद विरोधी, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण पर सहमतियों को आगे बढ़ाना तथा क्वाड के लिए अधिक समकालीन और व्यावहारिक एजेंडा विकसित करना शामिल हैं। बैठक अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर हुई और यह साल की तीसरी क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी। इससे पहले नई दिल्ली और मनीला में हुई थी।
आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन रेजिलिएंस पर सबसे ज्यादा जोर
बैठक में आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन रेजिलिएंस पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। चारों देशों ने विश्वसनीय और खुली सप्लाई चेन बनाने, बाजार विरोधी व्यवस्था तथा मनमाने निर्यात प्रतिबंध से निपटने और क्रिटिकल इंडस्ट्रीज में जरूरत से ज्यादा क्षमता बनाने से पैदा होने वाले तनावों का मुकाबला करने पर सहमति जताई। अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में ई-वेस्ट व स्क्रैप से क्रिटिकल मिनरल्स निकालने की सुविधाओं के लिए एक करोड़ डालर की मदद की घोषणा की।
यह मई 2026 में नई दिल्ली में घोषित क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर आगे का कदम है। साथ ही हिंद-प्रशांत में ट्रस्टेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तक पहुंच बढ़ाने के लिए 8.50 करोड़ डालर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता की बात कही गई है। सेमीकंडक्टर और एआइ सप्लाई चेन की बाधाओं को पहचानना, 5जी/6जी और ओपन रैन पर प्राथमिकता वाले देशों का चयन, साइबर स्कैम आपरेशंस को खत्म करने पर सहयोग की बात भी इसमें है।
समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन फ्रीडम को भी प्राथमिकता देने की बात
क्वाड देशों ने समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन फ्रीडम को भी प्राथमिकता देने की बात की है। मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट, रेड सी और बाब एल-मंडेब में अंतरराष्ट्रीय कानून (यूएनसीएलओएस) के अनुरूप नेविगेशन अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा की जरूरत पर जोर दिया।
आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा समझौतों को आगे बढ़ाना और क्वाड के एजेंडे को अधिक व्यावहारिक व समकालीन बनाना भी एजेंडे का अहम हिस्सा रहा। मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिरता, समृद्धि और स्वतंत्रता की पसंद को जारी प्रतिबद्धता बताया तथा नवंबर में मनीला में होने वाली शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बाद मे कहा- "हिंद-प्रशांत में स्थिरता बनाए रखना, समृद्धि को आगे बढ़ाना और स्वतंत्रता की पसंद सुनिश्चित करना हमारी जारी प्रतिबद्धताएं हैं। सप्लाई चेन में सुनिश्चितता लाने और प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिजों व ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग गहरा करना जरूरी है।"
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