नई दिल्ली/ प्रयागराज।  हिंदू धर्म में पूर्णिमा का दिन खास माना जाता है। मगर पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा का अधिक महत्व है। मोक्ष की कामना रखने वालों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। इसे पौष पूर्णिमा भी कहा जाता है। पौष पूर्णिमा के मौके पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। वह भी प्रयाग के कुंभ में स्नान विशेष फलदायी माना जाता है। लेकिन, आज चंद्रग्रहण के कारण सुबह 10.11 बजे से लेकर 11.12 बजे तक श्रद्धालु स्नान नहीं करेंगे। चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद ही लोग स्नान दान करेंगे। 

इस दिन किए जप, तप का तो महत्व है ही साथ ही और दान खासतौर से महत्वपूर्ण होता है। चंद्रमा के साथ साथ पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है। 

नदियों में स्नान का होता है खास महत्व

कहते हैं कि पौष पूर्णिमा के मौके पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। आस्था की एक डुबकी मोक्ष तो दिलाती ही है साथ ही कई तरह के पापों से मुक्ति भी दिलाती है। कहते हैं इस दिन चंद्रमा को नामित व्रत करने से चंद्रमा के खराब प्रभाव को भी कम किया जा सकता है।

इन दिनों प्रयागराज में कुंभ मेला 2019 चल रहा है जिसमें दूसरा शाही स्नान पौष पूर्णिमा पर ही है। जहां इस दिन करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। त्रिवेणी के अलावा इस दिन हरिद्वार, गंगासागर, गंगा नदी में डुबकी लगाने से पुण्य मिलता है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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