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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मध्‍य प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर फांसी और 50 लाख के जुर्माने का होगा प्रविधान, कैबिनेट में पेश होगा प्रारूप

By Krishna Bihari SinghEdited By:
Published: Mon, 02 Aug 2021 10:40 PM (IST)Updated: Tue, 03 Aug 2021 12:28 AM (IST)

अवैध और जहरीली शराब के मामलों को देखते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है। अवैध ...और पढ़ें

अवैध और जहरीली शराब के मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है।
अवैध और जहरीली शराब के मामलों को देखते हुए मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है।

भोपाल, जेएनएन। अवैध और जहरीली शराब से लोगों की जान जाने के मामलों को देखते हुए अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार कड़ा कदम उठाने जा रही है। अवैध शराब के कारोबार में जुड़े व्यक्तियों को फांसी और 50 लाख रुपये के जुर्माने का प्रविधान करने के लिए मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। इसका प्रारूप मंगलवार को होने वाली कैबिनेट में प्रस्तुत करने की तैयारी है। कैबिनेट से पारित कराकर नौ अगस्त से प्रस्तावित विधानसभा के मानसून सत्र में संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अवैध शराब और कानून व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से लोगों की जान जाना गंभीर अपराध है। कानून में संशोधन कर अवैध शराब के कारोबार में लगे व्यक्तियों के लिए कठोर दंड का प्रविधान किया जाएगा। डिस्टलरी से निकलने वाले अल्कोहल के टैंकरों का आवागमन ई-लॉक सिस्टम के साथ हो। प्रदेश की कोई भी डिस्टलरी अवैध परिवहन में लिप्त पाई जाए तो उसे तत्काल बंद किया जाए।

गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बार में भी अवैध और अमानक शराब की जांच की पुख्ता व्यवस्था बनाई जाए। इस दौरान साइबर क्राइम और नक्सल गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। सूत्रों की मानें तो आनलाइन मोबाइल गेम की अनियमितताओं को लेकर मध्य प्रदेश सरकार सतर्क है। जल्द ही इन कंपनियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। डा. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी कंपनियों की गतिविधियों और बच्चों के इसके कुचक्र में फंसने की घटनाओं पर नजर रखें।

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक कानूनी मापदंड तय करने के लिए विधि विभाग से विचार-विमर्श किया जा रहा है। कानून-व्यवस्था को लेकर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों में आनलाइन गेमिंग की बढ़ती आदत और इसके परिणामस्वरूप हुई आत्महत्या की घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए आवश्यक निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। छतरपुर में पुलिस ने कहा है कि जो बच्चे बिना किसी दबाव के मोबाइल से ऐसे गेम हटाएंगे, उन्हें एसपी आफिस बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।