जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यूपीएससी परीक्षा में सीसैट प्रणाली को खत्म करने की मांग को लेकर मुखर्जी नगर में अनशन कर रहे प्रतियोगी छात्रों को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने के बाद उत्पन्न आक्रोश ने बुधवार रात विकराल रूप धारण कर लिया। नतीजतन, उपद्रवी छात्रों ने नेहरू विहार स्थित पुलिस चौकी समेत दो बसों में जहां आग लगा दी, वहीं करीब 70 वाहनों में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पत्थर बरसाए, जिसमें करीब आधे दर्जन पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में काफी चोटें आई हैं।

घटना के बाद से तिमारपुर थाना क्षेत्र के नेहरू विहार, गांधी विहार समेत समूचे मुखर्जी नगर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दी गई है। पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति है और स्थिति और भी भयावह हो सकती है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण प्रतिभागी छात्र अपने कमरों को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों के लिए पलायन कर गए हैं। स्थिति को नियंत्रण करने में उत्तर पश्चिम व उत्तरी जिले की पुलिस लगी हुई है। इससे पहले अनशन बैठे प्रतिभागियों को पुलिस ने जबरन उठा लिया और उन्हें बाड़ा हिंदू राव अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया। दो छात्र पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से भाग निकले और दोबारा अनशन पर बैठ गए जबकि दो अस्पताल में ही भर्ती हैं। इस घटना को लेकर प्रतिभागियों ने विरोध मार्च निकाला तो पुलिस ने उन्हें बैरीकेट लगाकर रोक लिया। आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाई और जेल भेजने की धमकी दी। इससे उपजे आक्रोश ने भयानक रूप ले लिया।

संघ लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक परीक्षा में लागू सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सी-सैट) के खिलाफ चल रहा अभियान जोर पकड़ता जा रहा है। इसके विरोध में छात्रों ने आज सुबह उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग का घेराव किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व प्रतियोगी छात्र मोर्चा के बैनर तले छात्र आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तीन अगस्त को आयोजित पीसीएस प्री 2014 की परीक्षा को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है सी-सैट का मामला अभी लंबित है। इस पर अंतिम निर्णय न होने तक कोई परीक्षा न कराई जाए। अगर परीक्षा करानी है तो सी-सैट हटाया जाए। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के सह संयोजक कौशल सिंह का कहना है आयोग राज्य सरकार व आयोग अध्यक्ष मिलकर हमारे ऊपर जबरन सी-सैट थोपना चाहते हैं, जो हमें स्वीकार नहीं है। कहा कि तीन अगस्त की परीक्षा निरस्त न हुई आंदोलन तेज किया जाएगा। मौके की नजाकत को देखते हुए आयोग के आस-पास भारी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है।

सी-सैट अब निर्णायक जंग

केंद्र एवं प्रदेश सरकार की परीक्षाओं से सी-सैट को खत्म कराने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इसको लेकर छात्र युवा संघर्ष समिति का आज भी अनशन जारी है। सामाजिक एकता परिषद ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को अनुरोध पत्र भेजा है।

छात्र युवा संघर्ष समिति का अनशन

छात्र युवा संघर्ष समिति की ओर से सुभाष चौराहा स्थित प्रतिमा परिसर पर तमाम छात्र क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। छात्रों ने मैकाले नीति के पोषक प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ो, अंग्रेजियत की मानसिकता समाप्त कर राष्ट्र भाषा का सम्मान करो जैसे नारे लगाए। छात्रों ने चेताया कि केंद्र सरकार के छात्र आंदोलनों के इतिहास पर निगाह डालना चाहिए।

विद्यार्थी परिषद का अनशन

इस बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का अनशन कई दिन से जारी है। परिषद के प्रदेश सहमंत्री विश्व प्रताप ने कहा कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री अखिलेश प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर संघ लोक सेवा आयोग से सी-सैट को हटाने की मांग कर रहे हैं जबकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से सी-सैट को हटाने की कोई पहल नहीं कर रहे हैं। सरकार की गलत नीतियों के कारण जिन छात्रों को अपने कमरे में बैठकर पढाई करनी चाहिए, वे सड़क पर संघर्ष करने को मजबूर हैं।

प्रतियोगियों ने खून से लिखा पत्र

प्रतियोगियों ने कल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व राज्यपाल राम नाईक को खून से लिखा पत्र भेजा है। पत्र में तीन अगस्त को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को निरस्त करने और संघ लोक सेवा आयोग से सी-सैट को हटाने की मांग की गई है।

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