जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। छोटी बच्चियों से दुष्कर्म की जघन्य घटनाओं को देखते हुए सरकार 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ दुष्कर्म के दोषी को मृत्युदंड का प्रावधान करने पर विचार कर रही है। इसके लिए बाल यौन उत्पीड़न रोक कानून (पोक्सो) के प्रावधानों में संशोधन करने पर गंभीरता से विचार चल रहा है। ये जानकारी शुक्रवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को दी।

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लंबित है जिसमें छोटे बच्चों के साथ दुष्कर्म पर चिंता जताते हुए कानून को कड़ा किये जाने की मांग की गई है। ये याचिका वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने दाखिल की है। कोर्ट ने इस याचिका पर सरकार से जवाब मांगा था। सरकार की ओर से शुक्रवार को एडीशनल सालिसिटर जनरल के जरिये एक नोट पेश कर बताया गया कि सरकार पोस्को कानून में संशोधन कर 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुष्कर्म के दोषी के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करने पर विचार कर रही है।

हालांकि मामले की सुनवाई टालने के लिए पक्षकारों की ओर से कोर्ट में आग्रह था इसलिए कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगले शुक्रवार तक के लिए टाल दी। उन्नाव और कठुआ दुष्कर्म कांड के बाद एक बार फिर दुष्कर्मियों को फांसी देने की मांग उठ रही है। लोगों की मांग और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने इस ओर काम करना शुरू किया है।

 

Posted By: Nancy Bajpai

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