'आप दुनिया के सबसे बड़े NGO हैं, खुद को रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं कराते'; प्रियांक खरगे ने RSS पर बोला हमला
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर तीखा हमला बोला है, उसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए फंडिंग और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। 47 वर्षीय कांग्रेस नेता ने 100 साल पुराने इस संगठन को लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा करार देते हुए फंडिंग और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
खरगे ने आरोप लगाया कि संघ अमेरिका में उन लॉबिस्टों के साथ संपर्क में रहता है जो पाकिस्तान के लिए भी पैरवी करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि देश के 10 करोड़ घरों तक पहुंचने वाले इस संगठन को आर्थिक संसाधन कहां से मिल रहे हैं।
क्या है प्रियांक खरगे का मांग?
प्रियांक खरगे ने आरएसएस को नसीहत देते हुए कहा कि यदि वे खुद को दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ और महान राष्ट्रवादी मानते हैं, तो उन्हें संविधान और नियमों का पालन करते हुए अपना आधिकारिक पंजीकरण कराना चाहिए।
खरगे ने कहा कि औपचारिक पंजीकरण से संगठन को कानूनी जांच, वित्तीय खुलासे, ऑडिट और जवाबदेही से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि संघ के पास अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो वह अपने वित्तीय खातों को सार्वजनिक जांच के लिए क्यों नहीं खोलता।
प्रियांक खरगे ने रूट मार्च और नेतृत्व पर भी कसा तंज
विजयादशमी और संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कर्नाटक में आयोजित पथ संचलन को लेकर भी खरगे ने तंज कसा। उन्होंने पूछा कि क्या किसी बड़े भाजपा नेता का बेटा कभी गणवेश यानी यूनिफॉर्म पहनकर, हाथ में लाठी लेकर इस मार्च में शामिल हुआ है?
इससे पहले उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयानों का हवाला देते हुए पूछा था कि आरएसएस सांस्कृतिक संगठन है या राजनीतिक, क्योंकि वह लगातार रक्षा, विदेश नीति और राजनीतिक मामलों पर बयानबाजी करता है। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई।
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर शुरू हुआ था विवाद
प्रियांक खरगे की यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया विवादित बयान के बाद आई है। पटना के एक कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी का बाप भी जाएगा वाली टिप्पणी की थी, जिस पर भाजपा ने कड़ा विरोध जताया था।
इसके बचाव में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया था कि सभा में मौजूद एक भाजपा कार्यकर्ता ने पहले खरगे के दिवंगत पिता का अपमान किया था, जिसके जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वैचारिक पिता' यानी आरएसएस का संदर्भ दिया था।
राहुल गांधी और स्मृति ईरानी के बीच भी जुबानी जंग
आरएसएस को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तल्खी पहले से तेज है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर आरएसएस को केवल पुरुषों वाला और संविधान विरोधी पंथ बताया था।
राहुल के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने इसे केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए की गई "सस्ती टिप्पणी" करार दिया और महिलाओं के प्रति कांग्रेस के ट्रैक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
