जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश में चुनावों के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इसे और सशक्त बनाने की जरूरत है। हालांकि, उन्होंने इस मौके पर सुविधा संपन्न लोगों और युवाओं में ग्रामीण क्षेत्रों या वंचित वर्ग के लोगों के मुकाबले चुनावों के प्रति अपेक्षाकृत कम उत्साह का भी मुद्दा उठाया और देश के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वह मतदान को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान समझें और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना के साथ मतदान अवश्य करें।

मतदाता दिवस के मौके पर बुधवार को निर्वाचन आयोग की ओर से आयोजित कार्यक्रम को राष्ट्रपति मुर्मु बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने इस मौके पर चुनाव में लोगों के बढ़ते योगदान से जुड़े आंकड़े भी रखे। जिसमें बताया कि वर्ष 1951-52 में आयोजित पहले आम चुनावों में मतदाताओं की संख्या 17 करोड़ से कुछ अधिक थी और उस समय लगभग 45 प्रतिशत मतदान हुआ था। जबकि वर्ष 2019 में आयोजित आम चुनाव में मतदाताओं की संख्या नब्बे करोड़ से अधिक थी और 68 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था।

राष्ट्रपति ने कहा कि मतदाताओं को अपने इस बढ़ते रुझान को बनाए रखना होगा। यही वजह है कि निर्वाचन आयोग ने अब 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा गया है। मतदाता की ताकत के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि चुनावों के माध्यम से ही पिछले सात दशकों के दौरान हमारे देश में सामाजिक क्रांति संभव हुई है। इस मौके पर कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वाइब्रेंट लोकतंत्र के लिए समय के लिहाज से इनमें कुछ सुधार जरूरी है, हम इसके लिए तैयार है। इस बीच कुछ सुधार किए भी है।

कानून मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के सुधारों से जुड़े जो प्रस्ताव लंबित है, उस पर हम चर्चा कर रहे है। लेकिन कोई भी फैसला राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद ही दिया जाएगा। मतदाता दिवस के इस मौके पर मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोगों को यह भरोसा दिया कि वह चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को बनाए रखने में कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चुनावों में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए नया नारा और नया गीत भी जारी किया।

पीएम मोदी ने चुनाव आयोग की पहल को सराहा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी राष्ट्रीय मतदाता दिवस के इस मौके पर ट्वीट कर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने इस वर्ष की मतदाता दिवस की थीम 'वोटिंग जैसा कुछ नहीं, मैं जरूर वोट देता हूं' से प्रेरित होकर, हम सभी को चुनाव में सक्रिय भागीदारी करना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करें। इस मौके पर उन्होंने चुनाव आयोग की पहल को जमकर सराहा।

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Edited By: Devshanker Chovdhary

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