नई दिल्ली, एएनआइ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर्मी चीफ बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) से सम्मानित किया। गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर्मी चीफ समेत अन्य 19 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को भी परम विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया हैं। बता दें कि पीवीएसएम, भारत का एक सैन्य पुरस्कार है। इसका गठन 1960 में किया गया था और तब से आज तक, यह शांति के लिए और सेवा क्षेत्र में सबसे असाधारण कार्य (मरणोपरांत भी ) के लिए सम्मानित किया जाता रहा है।

जानकारी के मुताबिक जनरल रावत के अलावा जिन्हें यह सम्मान दिया गया है, उनमें 15 लेफ्टिनेंट जनरल व तीन मेजर जनरल हैं। रक्षा मंत्रालय ने शांति काल का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र दो सैन्य अफसरों को देने का फैसला किया है। यह जाट रेजिमेंट के मेजर तुषार गौबा और 22वीं राष्ट्रीय राइफल्स के सोवर विजय कुमार (मरणोपरांत) को दिया जाएगा। जबकि, सीआरपीएफ के दो जवानों प्रदीप कुमार पांडा (मरणोपरांत) और राजेंद्र कुमार नैन (मरणोपरांत) को भी कीर्ति चक्र के लिए चुना गया है। जबकि, शांति काल का तीसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान शौर्य चक्र नौ सैन्य अफसरों को प्रदान किया जाएगा।

इनमें 10 पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्स) के लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रांत प्रेशर, 14 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर अमित कुमार डिमरी, 4 गोरखा राइफल्स के मेजर इमलियाकुम केइत्जर, पैराशूट रेजिमेंट की नौवीं बटालियन के मेजर रोहित लिंगवाल और पहली बटालियन के कैप्टन अभय शर्मा शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शौर्य चक्र पाने वालों में 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कैप्टन अभिनव कुमार चौधरी, राष्ट्रीय राइफल्स की नौवीं बटालियन के लांस नायक अय्युब अली, 42वीं बटालियन सिपाही अजय कुमार और 44वीं बटालियन के सैपर महेश एचएन भी शामिल हैं।

सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडर जिले सिंह को भी शौर्य चक्र देने का फैसला किया गया है। तीन लेफ्टिनेंट जनरल को उत्तम युद्ध सेवा पदक, 32 सैन्य कर्मियों को अति विशिष्ट सेवा पदक और नौ सैन्य कर्मियों को युद्ध सेवा पदक देने का फैसला किया गया।

मंत्रालय के मुताबिक 103 सैन्यकर्मियों को सेना पदक (वीरता), 74 को विशिष्ट सेना पदक और 35 सैन्यकर्मियों को सेना पदक (विशिष्ट) के लिए चुना गया था। जम्मू कश्मीर में लश्कर ए तैयबा के कमांडर अबू दुजाना को ढेर करने वाली टीम के सदस्य रहे असिस्टेंट कमांडर अनुराग कुमार सिंह समेत आइटीबीपी के अन्य 15 अधिकारियों को भी अदम्य शौर्य और बहादुरी दिखाने के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक द्वारा सम्मानित किया गया।

गाजियाबाद में एक ऊंची इमारत में फंसे बच्चे को बचाने के लिए सीआइएसफ के जवान सुशील बोई को जीवन रक्षक पदक के लिए चुना गया। वहीं, इस बल के 28 अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।

देखा जाए तो इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर केंद्रीय और राज्य पुलिस बल के 855 अधिकारियों और जवानों का चयन पुलिस पदक के लिए किया गया है। गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सीबीआइ के 28 अधिकारी भी सम्मानित किए गए।

Posted By: Nitin Arora

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