नई दिल्ली, जेएनएन। अगस्त 31 को कई बड़े मीडिया संस्थानों ने एक खबर जारी की जिसके अनुसार पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हरियाणा में आरएसएस के साथ काम करेंगे। इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी खबर में लिखा " हाल ही में एक कार्यक्रम में बतौर वक्त आमंत्रित करने के बाद अब लगता है स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अपने सम्बन्ध और मज़बूत करना चाहता है। मुख़र्जी भी इस रिश्ते को लेकर उत्साहित नज़र आ रहे हैं। प्रणब मुखर्जी रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ अपने थिंक -टैंक, प्रणव मुखर्जी फाउंडेशन के कार्यक्रमों की एक सीरीज शुरू करेंगे।" असल में यह खबर गलत है और मुख़र्जी फाउंडेशन ने इस खबर का खंडन किया है.

पड़ताल

हमने इस खबर की पूरी सच्चाई जानने का फैसला किया। हमने इस खबर को इंटरनेट पर सर्च किया और हमारे हाथ लगा प्रणब मुख़र्जी मुख़र्जी के दफ्तर द्वारा शेयर किया गया एक ट्वीट जहाँ उन्होंने साफ़ तौर पर इस खबर का खंडन किया है.

ट्वीट में PMF के एक स्टेटमेंट की फोटो है जिसमें लिखा है:

"मीडिया के कुछ हिस्सों में रिपोर्टें आई हैं कि प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन (पीएमएफ) हरियाणा में आरएसएस के साथ सहयोग से काम कर सकती है । यह स्पष्ट रूप बताया जाते है कि PMF का आरएसएस से न तो कोई मौजूदा सहयोग है और न ही ऐसे किसी प्रस्ताव पर कोई बातचीत चल रही है" 



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