सबरीमाला, प्रेट्र। 10 से 50 आयुवर्ग की दो महिलाओं ने शनिवार सुबह सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा के दर्शन की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर उन्हें सुरक्षा प्रदान करने से इन्कार कर दिया। लिहाजा दोनों महिलाओं को बिना दर्शन और पूजा-अर्चना किए लौटना पड़ा।

रेशमा निशांत और शनीला साजेश नामक इन दो महिलाओं ने 16 जनवरी को भी मंदिर में पूजा-अर्चना की कोशिश की थी, लेकिन श्रद्धालुओं के विरोध की वजह से उन्हें अपनी योजना स्थगित करनी पड़ी थी। दोनों की आयु 30 वर्ष के आसपास है। शनिवार को भी दोनों महिलाएं सुबह करीब पांच बजे निलक्कल आधार शिविर पहुंचीं। तुरंत दोनों को नियंत्रण कक्ष ले जाया गया।

पुलिस ने बताया कि शनिवार को मंदिर में काफी भीड़ थी क्योंकि मंदिर रविवार को बंद हो जाएगा। ऐसे में दोनों को सुरक्षा प्रदान करना काफी मुश्किल था। बाद में दोनों महिलाओं ने पुलिस पर धोखा देने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले उन्हें मंदिर तक जाने की अनुमति देने का आश्वासन दिया था।

देशभर के मंदिरों में विवाद पैदा कर रही भाजपा : चंद्रबाबू
सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी तनाव के मद्देनजर तेलुगु देसम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि भाजपा देशभर के मंदिरों में विवाद पैदा कर रही है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को भाजपा की विद्वेषपूर्ण राजनीति के बारे में जानकारी दें।

Posted By: Manish Negi

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