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पीएम-अजय योजना के तहत 18093 गांव आदर्श ग्राम घोषित, अनुसूचित जाति बहुल गांवों को विकसित करना उद्देश्य

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:04 PM (IST)

पीएम-अजय योजना के तहत देशभर में 18093 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है और 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

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HighLights

  1. 18093 गांवों को पीएम-अजय योजना के तहत आदर्श ग्राम घोषित।

  2. योजना में देशभर में 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हुआ।

  3. अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे और आजीविका में सुधार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना यानी पीएम अजय के तहत देशभर में 18093 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है, जबकि योजना के अंतर्गत 785 छात्रावासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, आदर्श ग्राम घटक के तहत 47200 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है, जिससे 47.79 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ मिला है।

योजना के अंतर्गत अब तक 46,944 विकास कार्य पूरे किए गए हैं और 27,032 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गई हैं। इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे, आवश्यक सेवाओं और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाकर उन्हें आदर्श गांवों के रूप में विकसित करना है।

इसके तीन प्रमुख घटक हैं, आदर्श ग्राम विकास, सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए अनुदान और छात्रावासों का निर्माण एवं मरम्मत।

मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान अनुदान घटक के तहत राज्यों को लगभग 1,730 करोड़ रुपये जारी किए गए। इससे 2.5 लाख से अधिक व्यक्तियों और समूहों को कौशल विकास तथा आजीविका संबंधी अवसर मिले।

सितंबर 2026 तक 785 छात्रावास पूरे हो चुके हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दो छात्रावास परियोजनाओं हेतु 61.46 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता आवंटित की गई है। इनमें एक छात्रावास लड़कियों और दूसरा लड़कों के लिए होगा, जिनमें कुल 264 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)