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पानी पर तैरेंगे सोलर प्लांट, प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को मिली मंजूरी; केंद्र देगा 5070 करोड़ रुपये

Published: Fri, 31 Jul 2026 08:12 PM (IST)Updated: Fri, 31 Jul 2026 08:22 PM (IST)

केंद्र सरकार ने पीएम सूर्य सरोवर योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत देश के जलाशयों पर 5,000 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं लगाई जाएंगी।

5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं जलाशयों पर लगेंगी

5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं जलाशयों पर लगेंगी

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पीएम नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की गुरुवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (पीएम-एसएसवाई) को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत देश के जलाशयों और जल निकायों पर 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर पीवी परियोजनाएं लगाई जाएंगी।

योजना का कुल परिव्यय 5,070 करोड़ रुपये है। इसमें प्रति मेगावाट एक करोड़ रुपये तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा निजी निवेश होगा। सरकार करा कहना है कि इस पूरी परियोजना को लागू करने से देश में कुल 28,500 करोड़ रुपये का निवेश की उम्मीद है।

10,000 मेगावाट-घंटे होगी क्षमता 

परियोजनाओं के साथ कम से कम दो घंटे की ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी जोड़ी जाएगी, जिसकी कुल क्षमता 10,000 मेगावाट-घंटे होगी। सरकार की इस योजना का फायदा उन राज्यों को खास तौर पर होगा जहां जल संचय भंडार पर्याप्त मात्रा में है।

नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि अभी वर्तमान में देश में फ्लोटिंग सोलर की स्थापित क्षमता करीब 700 मेगावाट है, जबकि संभावित क्षमता 102 गीगावाट बताई गई है।

17000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे

इससे राज्य अपनी पीक डिमांड आसानी से प्रबंधित कर सकेंगे। परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच मंजूर की जाएंगी और सहायता वित्त वर्ष 2032-33 तक दी जाती रहेगी। यह योजना भूमि की कमी दूर करने के साथ-साथ जलाशयों का बेहतर उपयोग करेगी।

इससे हर साल करीब एक करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन घटेगा और 16,000 से 17,000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

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