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पीएम-श्री योजना को लेकर राज्यों का बदलता रूख, जल्द जुड़ सकते हैं ये प्रदेश, सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने में मिलेगी मदद

PM SHRI Scheme पीएम श्री योजना को लेकर राज्यों के रूख में बदलाव देखने को मिल रहा है। तीन नए राज्य जल्द ही इस योजना से जुड़ने का एलान कर सकते हैं। हालांकि अभी भी कुछ राज्य इससे दूरी बनाए हुए हैं। जानिए क्या है ये पूरी योजना और इससे जुड़ने से क्या होंगे बदलाव एवं फायदे। पढ़िए रिपोर्ट. . .

By Jagran News Edited By: Sachin Pandey Wed, 10 Jul 2024 10:30 PM (IST)
तीन राज्यों ने खुद ही योजना से जुड़ने के लिए संपर्क किया है। (File Image)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने से जुड़ी पीएम-श्री योजना पर अलग-अलग कारणों से अब तक मुंह फुलाए राज्यों के रुख में अब धीरे-धीरे बदलाव आते दिख रहा है। ऐसे में इस योजना से अब तक दूरी बनाए बैठे ओडिशा, बिहार और केरल ने भी अब इस योजना से जुड़ने के संकेत दिए है।

वैसे भी ओडिशा में अब भाजपा की और बिहार में एनडीए की सरकार है। ऐसे में दोनों ही राज्यों ने अब आगे बढ़कर पीएम-श्री योजना को अपनाने की पहल की है। वहीं केरल ने भी बच्चों के व्यापक हितों को देखते हुए अब इस योजना से जुड़ने के संकेत दिए हैं। इन राज्यों ने पीएम-श्री योजना से जुड़ने के यह संकेत इन दिनों दिल्ली में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अमल को लेकर राज्यों के साथ चल रही समीक्षा बैठक के दौरान दिए हैं।

राज्यों ने खुद किया संपर्क

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की मानें तो इन राज्यों ने खुद ही योजना से जुड़ने के लिए संपर्क किया है। साथ ही जल्द ही इसे लेकर औपचारिक एमओयू भी करने की तैयारी में है। इससे पहले भाषा के मुद्दे पर एनईपी का विरोध कर रहे तमिलनाडु ने भी लोकसभा चुनाव से पहले इस योजना से जुड़ने को लेकर अपनी सहमति दी थी।

इन राज्यों ने बनाई दूरी

वहीं पंजाब, दिल्ली और तेलंगाना ने अभी भी इस योजना को अपनाने की सहमति नहीं दी है। इनमें पंजाब ने तो पहले अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन वहां सरकार के बदलते ही मौजूदा राज्य सरकार ने उस सहमति को वापस ले लिया था। खास बात यह है इस योजना से जुड़ने से पहले राज्यों को अपने यहां एनईपी को लागू करने की सहमति देनी होती है।

प्रत्येक स्कूल को दो-दो करोड़ की मदद

इस स्कीम के तहत प्रत्येक ब्लॉक के एक प्राथमिक और एक उच्च प्राथमिक स्कूल के साथ ही प्रत्येक जिले से एक सीनियर सेकेंडरी यानी बारहवीं तक के सरकारी स्कूल को अपग्रेड किया जाना है। इनमें प्रत्येक स्कूल को दो-दो करोड़ रुपए भी दिए जाने है। जिससे उन्हें अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों से जुड़ी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि उन्हें बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके। इसके तहत 1.20 करोड़ रुपए केंद्र को और 80 लाख रुपए राज्य को देना है।