जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार 27 मई को उद्घाटन से पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निजामुद्दीन-यूपी बार्डर खंड पर रोड शो करेंगे। इस दौरान वे निजामुद्दीन-रिंग रोड जंक्शन से पटपड़गंज पुल तक के हिस्से का कार से मुआयना करेंगे। वहां से वापस लौटने के बाद वे हेलीकाप्टर के जरिए बागपत के लिए रवाना होंगे। जहां रैली के दौरान उनका ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे के साथ-साथ दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पहले चरण के औपचारिक उद्घाटन का कार्यक्रम है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि वैसे तो प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अंतिम समय तक परिवर्तन संभव है, परंतु मुझे अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी रविवार को प्रात: नौ बजे के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के तैयार हो चुके प्रथम चरण का मुआयना करेंगे। वैसे तो यह खंड साढ़े आठ किलोमीटर लंबा है, लेकिन प्रधानमंत्री केवल शुरू के छह किलोमीटर के हिस्से पर रोड शो करेंगे। इसमें मुख्यतया वे यमुना पर निर्मित तीन-तीन लेन के दो नए पुलों तथा पुराने पुलों के किनारे की रची गई ड्रिप इरीगेशन युक्त हरित प्रणाली तथा विशिष्ट संरचना में सजाई गई सौर ऊर्जा प्रणाली का निरीक्षण करेंगे। पुल पार करते ही प्रधानमंत्री का सामना मिनी कुतुब मीनार के साथ खास डिजाइन में लगाए गए फव्वारों से होगा। जब मोदी खेलगांव फ्लाईओवर को पार करेंगे तो उन्हें पुराने पुलों के दोनो ओर बनाए गए तीन-तीन लेन के पुलों पर की गई मेहनत का एहसास होगा। इसके बाद वे अक्षरधाम सेतु से पहले नवनिर्मित 14 लेन के फुटओवर के नीचे से गुजरेंगे और सेतु के बाद बनाए गए दूसरे फुट ओवरब्रिज को पार करते हुए एक्सप्रेसवे के हिसाब से चौड़े किए गए पटपड़गंज पुल के नीचे से यू-टर्न लेते हुए दिल्ली की ओर वापस कूच कर जाएंगे, जहां से हवाई मार्ग से बागपत रवाना होने के लिए हेलीकाप्टर उनका इंतजार कर रहा होगा। बागपत रैली में मोदी को सुबह 11 बजे पहुंचना है।

छह किलोमीटर है खूबसूरत
प्रधानमंत्री के लिए महज छह किलोमीटर हिस्से के निरीक्षण का कार्यक्रम इस हिस्से की विशेष खूबसूरती के मद्देनजर बनाया गया है। इसके बाद पटपड़गंज से यूपी बार्डर तक के एक्सप्रेसवे के हिस्से में अभी कुछ खामियां बरकरार हैं जिन पर काम चल रहा है। उदाहरण के लिए गाजीपुर फ्लाईओवर से पहले मेट्रो का एक पिलर डिवाइडर से बाहर सड़क पर आ रहा है। तमाम कोशिशों के बावजूद एनएचएआइ इसे हटाने में नाकाम रहा है। गनीमत यह है कि यह पिलर मुख्य एक्सप्रेसवे के बजाय साइड के हाईवे पर पड़ता है। यहां वाहन चालक पिलर से न भिड़ें इसके लिए फुटपाथ डालकर सड़क को थोड़ा घुमा दिया गया है और रोड मार्किंग कर दी गई है। फिर भी कोई तेज रफ्तार वाहन यहां कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकता है। इसी तरह मयूर विहार से पहले बनाए गए गलत फुटपाथ, जिसके कारण पटपड़गंज फ्लाईओवर के बाद ढलान पर तेजी से उतरते वाहनों को अचानक पहले बाई ओर और फिर दाई ओर मुड़ना पड़ता है, को भी अब तोड़ा जा रहा है।

 

Posted By: Tilak Raj