'जिनकी अवैध कमाई बंद हो गई, वे मुझे प्यार करेंगे क्या'; SIR विवाद के बीच पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी ने बताया, '50 लाख करोड़ रुपये के डीबीटी से 5 लाख करोड़ रुपये की लीकेज रुकी है।'
HighLights
पीएम मोदी ने साइबर फ्रॉड, डीपफेक से निपटने को वैश्विक प्रयास मांगे।
डीबीटी से 50 लाख करोड़ ट्रांसफर, 5 लाख करोड़ लीकेज रोकी गई।
टेलीकॉम क्रांति से सेवा वितरण, सामग्री को बढ़ावा, सुरक्षा महत्वपूर्ण।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मोबाइल फोन और टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच साइबर फ्रॉड और डीपफेक से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर कोशिश करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी के बेहतर इस्तेमाल के साथ ही उन लोगों पर निशाना साधा, जिनकी मुफ्त की कमाई इसी टेक्नोलॉजी की वजह से रुक गई।
'मुफ्त की कमाई रुक गई, तब भी मुझे पसंद करेंगे?'
पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते कहा, इसी कनेक्टिविटी का इस्तेमाल करके अब तक 50 लाख करोड़ रुपये का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) किया गया है।
पीएम ने आगे कहा, इस 50 लाख करोड़ रुपये के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से करीब 5 लाख करोड़ रुपये की लीकेज को रोकने में मदद मिली है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'जिन लोगों की आसानी से होने वाली कमाई बंद हो गई है, क्या वे मोदी को पसंद करेंगे? ...वे चाहे जितना चाहें शोर-शराबा कर लें, लेकिन मैं इसी दिशा में आगे बढ़ता रहूंगा।'
पीएम मोदी ने यह बात ऐसे समय में कही है जब विपक्ष सड़कों पर उतरकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर दबाव बना रहा है और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है।
'डिजिटल डिवाइड एक चुनौती'
2022 में इसी मंच से 5G की शुरुआत को याद करते हुए, पीएम मोदी ने एक दशक पहले की स्थिति का जिक्र किया, जब डिजिटल डिवाइड एक चुनौती थी (और) नई टेक्नोलॉजी कुछ खास लोगों तक ही सीमित थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब टेलीकॉम क्रांति सर्विस डिलीवरी, कंटेंट (स्थानीय भाषाओं सहित) और गेमिंग को बढ़ावा दे रही है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी आई हैं।
PM ने कहा, 'ऐसे समय में जब टेलीकॉम और डिजिटल टेक्नोलॉजी इतनी अहम भूमिका निभा रही हैं, यह भी उतना ही जरूरी है कि हम उनसे जुड़े सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को मजबूत करें।'
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