नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुरुवार को 'आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर' लान्च में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को बताया कि 20 जनवरी को सुबह साढ़े दस बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पीएम कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

इस कार्यक्रम के जरिए ब्रह्म कुमारीज आजादी का अमृत महोत्सव को समर्पित साल भर की पहल की शुरुआत करेगा। आधिकारिक बयान के मुताबिक, इसमें 30 से अधिक अभियान और 15,000 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ब्रह्मकुमारीज की सात पहलों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें माई इंडिया हेल्दी इंडिया, आत्मानिर्भर भारत: आत्मनिर्भर किसान, 'वूमेन: फ्लैग बीयरर्स आफ इंडिया', पावर आफ पीस बस कैंपेन, अनदेखा भारत साइकिल रैली, यूनाइटेड इंडिया मोटर बाइक अभियान और स्वच्छ भारत अभियान के तहत हरित पहल शामिल हैं।

'माई इंडिया हेल्दी इंडिया' पहल में, आध्यात्मिकता, कल्याण और पोषण पर ध्यान देने के साथ मेडिकल कालेजों और अस्पतालों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें चिकित्सा शिविरों का आयोजन, कैंसर जांच, डाक्टरों और अन्य स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए सम्मेलन शामिल हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, 'आत्मनिर्भर भारत: आत्मनिर्भर किसान' के तहत 75 किसान सशक्तिकरण अभियान, 75 किसान सम्मेलन, 75 सतत योगिक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम और किसानों के कल्याण के लिए ऐसी कई अन्य पहल आयोजित की जाएंगी।

पहल 'वूमेन: फ्लैग बीयरर्स आफ इंडिया' महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के सशक्तिकरण के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करेगी। पावर आफ पीस बस अभियान 75 शहरों और तहसीलों को कवर करेगा और आज के युवाओं के सकारात्मक परिवर्तन पर एक प्रदर्शनी आयोजित करेगा। विरासत और पर्यावरण के बीच एक संबंध को चित्रित करते हुए, विभिन्न विरासत स्थलों के लिए 'अनदेखा भारत साइकिल रैली' आयोजित की जाएगी।

'यूनाइटेड इंडिया मोटर बाइक कैंपेन' माउंट आबू से दिल्ली तक आयोजित किया जाएगा और इसमें कई शहरों को शामिल किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत पहल में मासिक स्वच्छता अभियान, सामुदायिक सफाई कार्यक्रम और जागरूकता अभियान शामिल होंगे। ब्रह्म कुमारी एक विश्वव्यापी आध्यात्मिक आंदोलन है जो व्यक्तिगत परिवर्तन और विश्व नवीनीकरण के लिए समर्पित है। 1937 में भारत में स्थापित, ब्रह्मा कुमारीज 130 से अधिक देशों में फैला है। यह आयोजन ब्रह्मकुमारियों के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा के 53वें स्वर्गारोहण वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है।

Edited By: Neel Rajput