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पीएम मोदी ने लांच किया जल जीवन मिशन एप, कहा- पानी बचाने के प्रयास जरूरी; लोगों को अपनी आदतें बदलनी होंगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जल जीवन मिशन एप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष को लांच कर दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने इससे जुड़े लाभार्थियों से बातचीत की है। पीएम मोदी ने इस दौरान जल संरक्षण को लेकर कई बातें कहीं।

By Shashank PandeyEdited By: Published: Sat, 02 Oct 2021 10:00 AM (IST)Updated: Sat, 02 Oct 2021 03:18 PM (IST)
पीएम मोदी ने लांच किया जल जीवन मिशन एप।(फोटो: ANI)

नई दिल्ली, एजेंसियां। महात्मा गांधी जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जल जीवन मिशन एप को लांच किया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन कोष (राष्ट्रीय जल कोष) भी लांच किया। उन्होंने इस दौरान जल जीवन मिशन के लाभार्थियों से बातचीत भी की। पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, मणिपुर और गुजरात सहित देश के पांच राज्यों में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। पीएम मोदी ने इस दौरान पानी समितियों और ग्राम पंचायतों के साथ संवाद भी किया।

— ANI (@ANI) October 2, 2021

पीएम मोदी का पूरा संबोधन:

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री जी इन दोनों महान व्यक्तित्वों के हृदय में भारत के गांव ही बसे थे। मुझे खुशी है कि आज के दिन देशभर के लाखों गांवों के लोग ‘ग्राम सभाओं’ के रूप में जल जीवन संवाद कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जल जीवन मिशन का विजन, सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये Decentralisation का- विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा Movement है। ये Village Driven- Women Driven Movement है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है।

पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी कहते थे कि ग्राम स्वराज का वास्तविक अर्थ आत्मबल से परिपूर्ण होना है। इसलिए मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि ग्राम स्वराज की ये सोच, सिद्धियों की तरफ आगे बढ़े।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमने बहुत सी ऐसी फिल्में देखी हैं, कहानियां पढ़ी हैं, कविताएं पढ़ी हैं जिनमें विस्तार से ये बताया जाता है कि कैसे गांव की महिलाएं और बच्चे पानी लाने के लिए मीलों दूर चलकर जा रहे हैं। कुछ लोगों के मन में, गांव का नाम लेते ही यही तस्वीर उभरती है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि लेकिन बहुत कम ही लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों को हर रोज किसी नदी या तालाब तक क्यों जाना पड़ता है, आखिर क्यों नहीं पानी इन लोगों तक पहुंचता? मैं समझता हूं, जिन लोगों पर लंबे समय तक नीति-निर्धारण की जिम्मेदारी थी, उन्हें ये सवाल खुद से जरूर पूछना चाहिए था।

उन्होंने आगे कहा कि मैं तो गुजरात जैसा राज्य से हूं जहां अधिकतर सूखे की स्थिति मैंने देखी है। मैंने ये भी देखा है कि पानी की एक-एक बूंद का कितना महत्व होता है। इसलिए गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए, लोगों तक जल पहुंचाना और जल संरक्षण, मेरी प्राथमिकताओं में रहे।

पीएम मोदी ने कहा कि आजादी से लेकर 2019 तक हमारे देश में सिर्फ 3 करोड़ घरों तक ही नल से जल पहुंचता था। 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद से, 5 करोड़ घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ा गया है। आज देश के लगभग 80 जिलों के करीब सवा लाख गांवों के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। यानि पिछले 7 दशकों में जो काम हुआ था, आज के भारत ने सिर्फ 2 साल में उससे ज्यादा काम करके दिखाया है। मैं देश के हर उस नागरिक से कहूंगा जो पानी की प्रचुरता में रहते हैं कि आपको पानी बचाने के ज्यादा प्रयास करने चाहिए और निश्चित तौर पर इसके लिए लोगों को अपनी आदतें भी बदलनी ही होंगी।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। घर और स्कूल में टायलेट्स, सस्ते सैनिटेरी पैड्स से लेकर, गर्भावस्था के दौरान पोषण के लिए हज़ारों रुपए की मदद और टीकाकरण अभियान से मातृशक्ति और मजबूत हुई है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'जल जीवन मिशन के 2 वर्ष' ई-पुस्तिका का विमोचन किया।

क्या है जल जीवन मिशन, कब हुई शुरुआत?

भारत में अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां लोगों को पानी भरने के लिए कुएं पर दूसरे के घरों में या सरकारी नल पर जाना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2019 को लाल किले के प्राचीर से जीवन में बदलाव लाने वाले जलजीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के पानी का कनेक्शन देना है।


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