'हनुमान जी ने बचा लिया...', पीएम मोदी से बात कर भावुक हुए कैप्टन स्मित मछार
पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान कैप्टन भावुक हो ...और पढ़ें
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पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात की। ( फोटो: एएनआई)
HighLights
पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मछार से बात की।
पायलट ने 174 यात्रियों की जान बचाकर असाधारण साहस दिखाया।
पीएम ने उनके साहस और सूझबूझ की दिल खोलकर तारीफ की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के विमान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस खौफनाक घटना के पल-पल का अनुभव साझा किया।
पायलट कैप्टन स्मित मछार ने बताया कि भारी दबाव और संकट के बीच उन्हें किस बात ने हिम्मत और हौसला दिया। प्रधानमंत्री ने विपरीत परिस्थितियों में दिखाए गए उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और जांबाजी की दिल खोलकर तारीफ की तथा उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
#WATCH | PM Modi speaks with Flydubai Captain Smit Machchhar through a video call and praises his courage, presence of mind and composure in how he saved many lives
The PM says to Captain Smit, "The whole country is praying for you. Maha Mrityunjay Jaap is being done for you and… pic.twitter.com/TCj3NDqASp
— ANI (@ANI) October 2, 2026
कॉल के दौरान मच्छार ने PM मोदी से कहा कि मैं अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। उस समय मुझे एहसास हुआ कि अगर मैंने हिम्मत नहीं दिखाई, तो 170 यात्रियों की जान चली जाएगी।
हनुमान जी ने बचा लिया: कैप्टन स्मित मछार
पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने कहा कि जब भी मुझे तकलीफ होती है, मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ ही करता रहा। आज, आपकी एक कॉल से मुझे सच में बहुत गर्व महसूस हो रहा है।
पीएम मोदी को बताया अपना सबसे बड़ा आदर्श
पीएम मोदी से बात करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने कहा, "जब भी मुझे दर्द होता है, मैं हनुमान चालीसा का पाठ करता हूं। उस समय भी, मैं बस हनुमान चालीसा का पाठ करता रहा। आज आपकी एक कॉल ने मुझे सच में बहुत गौरवान्वित महसूस कराया है।"
पीएम मोदी के सामने अपनी मुश्किल घड़ी का ज़िक्र करते हुए फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने भावुक होकर कहा कि आप मेरे सबसे बड़े आदर्श हैं। आज आप जिस तरह मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं, उस पर मुझे बहुत गर्व हो रहा है। मुझे कई चोटें आई थीं, लेकिन मैंने खुद से कहा कि मुझे उठना होगा और कुछ करना होगा। उस समय, मैंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए खुद को प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने घरवालों से भी की थी बात
पीएम मोदी ने गुरुवार को पायलट की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी और उन्हें भरोसा दिलाया था कि मछार और उनके परिवार को भारतीय मिशनों की ओर से पूरी मदद मिलेगी।
दुबई से तेल अवीव की ओर बढ़ रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 आसमान में सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी कॉकपिट के भीतर अचानक अप्रत्याशित संकट खड़ा हो गया।
सह-पायलट ने दुर्भावनापूर्ण इरादे से विमान का नियंत्रण बिगाड़ते हुए उसे नीचे गिराने की कोशिश की, जिससे चंद सेकंडों में हवाई जहाज हजारों फीट नीचे गोता लगाने लगा।
खतरे को भांपते ही मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मछार ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों के बीच कॉकपिट में भीषण संघर्ष शुरू हो गया।
गंभीर चोटों के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला
इस खूनी हाथापाई में कैप्टन स्मित बुरी तरह जख्मी हो गए और शरीर से लगातार बहते खून के कारण उनकी स्थिति नाजुक होने लगी थी। इसके बावजूद उन्होंने होश नहीं खोया। बेहद फुर्ती और सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का सुरक्षित लॉक खोल दिया।
दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और अगली कतारों में बैठे मुसाफिर तुरंत भीतर दाखिल हुए और उपद्रव मचा रहे को-पायलट को दबोच कर काबू में कर लिया।
सऊदी अरब में सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग
इत्तेफाक से उसी फ्लाइट में बतौर यात्री सफर कर रहे फ्लाईदुबई के ही दो अन्य पायलट फौरन सक्रिय हुए। उन्होंने कॉकपिट में पहुंचकर अनियंत्रित हो रहे विमान का स्टीयरिंग थामा और उसे स्थिर किया।
हवा में उपजे इस भारी तनाव के बीच सूझबूझ दिखाते हुए उड़ान का रुख सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की तरफ मोड़ा गया, जहां सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के साथ विमान को सकुशल उतार लिया गया।
