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मौत के मुंह में रहकर भी निभाया फर्ज: खून से लथपथ कैप्टन मछार ने भीतर से खोला था कॉकपिट का दरवाजा

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:10 AM (IST)

कैप्टन मछार कॉकपिट के दरवाजे का इमरजेंसी रिलीज मैकेनिज्म चालू करने और आपातकालीन सिग्नल भेजने के साथ-साथ विमान में मौजूद चालक दल से बात करने में भी कामयाब रहे।

बुरी तरह घायल होने के बाद भी कैप्टन मछार ने भीतर से खोला था कॉकपिट का दरवाजा

बुरी तरह घायल होने के बाद भी कैप्टन मछार ने भीतर से खोला था कॉकपिट का दरवाजा

HighLights

  1. विमान में मौजूद चालक दल से बात करने में भी कामयाब रहे कैप्टन मछार

  2. भारतीय पायलट के इस साहस की लोग दिल खोलकर प्रशंसा कर रहे हैं

आईएएनएस, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रहे 'फ्लाईदुबई' के विमान में को-पायलट ने चाकू मारकर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया था। लेकिन, बुरी तरह घायल होने और खून बहने के बावजूद कैप्टन मछार ने हिम्मत नहीं हारी।

उन्होंने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए भीतर से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे दो पायलट और अन्य लोग अंदर जा सके और हमलावर को काबू में कर सके। इसके बाद ही विमान को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। कैप्टन के इस साहस की लोग दिल खोलकर प्रशंसा कर रहे हैं।

कैप्टन मछार कॉकपिट के दरवाजे का इमरजेंसी रिलीज मैकेनिज्म चालू करने और आपातकालीन सिग्नल भेजने के साथ-साथ विमान में मौजूद चालक दल से बात करने में भी कामयाब रहे।

स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि केबिन क्रू या बाहर का कोई भी व्यक्ति दरवाजे पर कोड डाल सकता है। लेकिन, फिर भी दरवाजा नहीं खुलता। दरवाजा खोलने के लिए कैप्टन को खुद उसे अनलाक करना पड़ता है।

अनलॉक करने का यह मैकेनिज्म असल में को-पायलट की तरफ होता है। इस मामले में को-पायलट कैप्टन पर हमला कर रहा था। फिर भी कैप्टन ने किसी तरह हाथ बढ़ाकर दरवाजा अनलाक करने का तरीका ढूंढ लिया। शायद इसी वजह से लोगों की जान बच पाई।

अजय सिंह ने कहा कि यह न सिर्फ स्पाइसजेट के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का पल है। मुझे लगता है कि स्मित ने अपना कर्तव्य निभाया।

जब पायलट उड़ान भरते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी होती है कि जिन यात्रियों को ले जा रहे हैं, उनकी सुरक्षा करें।

हमलावर का मुकाबला करना, कॉकपिट का दरवाजा खोलना और तेजी से नीचे गिर रहे विमान को नियंत्रण में लाना, बहुत साहस का काम था। उल्लेखनीय है कि कैप्टन स्मित ने फ्लाईदुबई एयरलाइन में शामिल होने से पहले स्पाइसजेट के साथ काम किया था।