यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वरिष्ठ नौकरशाहों को पीएम की सलाह, रिस्क लेने से ना डरें
पीएम मोदी ने अपने टॉप नौकरशाहों से कहा कि जिस तरह से करियर की शुरुआत में काम करते थे, ठीक वैसे ही रिस्क और नए आइडिया के साथ काम करें।

नई दिल्ली,जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौकरशाहों से अधिक जोश और रिस्क के साथ काम करने की बात कही है। खबर है कि पिछले शुक्रवार को पीएम मोदी ने अपने टॉप नौकरशाहों से कहा कि वे करियर के शुरुआत वाले पांच साल के जोश के साथ काम करें, अधिक रिस्क लें और नए आइडिया के साथ प्रयोग करें। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि इस मामले में उनकी सरकार जैसी आजादी उन्हें कभी नहीं मिलेगी।
इकनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक शुक्रवार को पीएम मोदी के सामने 10 अलग-अलग सेक्टर्स के सचिवों के समूह ने प्रेजेंटेशन दिया था। प्रधानमंत्री ने कई घंटे तक खामोशी से सचिवों के समूह के प्रेजेंटेशन को देखा। मीटिंग में मौजूद एक अधिकारी ने प्रधानमंत्री को कोट करते हुए बताया, ‘उन्होंने हमसे कहा कि आपमें से कई लोग यह सोचकर दंग रह जाएंगे कि करियर के शुरुआती पांच साल में आपने कितना कुछ हासिल किया था। मैं चाहता हूं कि आप फिर से उसी जोश के साथ काम करें।’
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अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसी नए आइडिया या प्रयोग को समर्थन देने के लिए तैयार है। अधिकारी ने बताया, ‘प्रधानमंत्री ने हमसे कहा कि अधिकारी उनकी सरकार में किसी भी तरह का जोखिम ले सकते हैं।’
प्रेजेंटेशन देखने के बाद पीएम मोदी ने सचिवों के समूह से कहा कि इनमें से किसी भी ग्रुप को कम से कम एक साल तक खत्म नहीं किया जाएगा।माना जा रहा है कि उन्होंने कैबिनेट सेक्रटरी से प्रेजेंटेशन में मिले कुछ सुझावों को तय समय में लागू करने का प्लान बनाने को भी कहा है। ऐसे सुझाव जिनका फाइनैंशल असर होगा, उन्हें बजट में शामिल करने के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा जाएगा।
