अमेरिकी बाजार में शुल्क लाभ मिलने पर ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: पीयूष गोयल
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता तभी संभव होगा जब अमेरिका भारत को अपने प्रतिद्वंद्वी देशों की तुलना में शुल्क लाभ देगा। वाणिज्य ...और पढ़ें
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अमेरिकी बाजार में शुल्क लाभ मिलने पर ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौता।
HighLights
भारत को अमेरिकी बाजार में प्रतिद्वंद्वी देशों से कम शुल्क चाहिए।
पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए शर्त रखी।
समझौते पर 99% सहमति, जल्द ही पहले चरण को अंतिम रूप।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को बताया कि जल्द ही भारत व अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन यह व्यापार समझौता तभी संभव है जब शुल्क के मामले में अमेरिका के बाजार में अपने प्रतिद्वंद्वी देशों पर भारत को बढ़त मिलेगी।
मतलब प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले भारत पर कम शुल्क लगने पर ही भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए राजी होगा। अमेरिका अपने सेक्शन 301 के तहत जल्द ही सभी देशों पर फिर से शुल्क लगा सकता है। अभी अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अमेरिका के बाजार में सभी देशों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगता है जिसकी अवधि आगामी 24 जुलाई को समाप्त हो रही है।
भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के लिए सहमत
गत फरवरी में भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के लिए अपनी सहमति जता चुके हैं। इसके तहत भारत पर अमेरिका 18 प्रतिशत का शुल्क लगाएगा। गोयल ने बताया कि समझौते के लिए भारत का मुख्य मुद्दा है कि उसे अमेरिका के बाजार में अपने प्रतिद्वंद्वी देशों से कम शुल्क देना पड़े, चाहे वह शुल्क कुछ भी हो।
उन्होंने बताया कि दो से लेकर चार जून तक नई दिल्ली में दोनों देशों के वार्ताकार समझौते के दस्तावेज को अंतिम रूप देने पर चर्चा करेंगे। लगभग सभी बातों पर रजामंदी हो चुकी है।
अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर 99% सहमति- गोर
भारत में अमेरिका के राजदूत गोर ने भी बयान दिया है कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर 99 प्रतिशत चीजों पर सहमति बन चुकी है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है और अमेरिका की क्रय शक्ति अधिक होने से भारत को अमेरिका में निर्यात बढ़ाने का पूरा मौका है।
अमेरिका का सेक्शन 301 अमेरिकी सरकार को किसी भी देश के विदेश व्यापार के संचालन की जांच करने और उन पर एकतरफा शुल्क लगाने का अधिकार देता है।
