नई दिल्ली, जेएनएन। कोरोना काल में वैश्विक मांग कम होने से वस्तुओं के कुल निर्यात में गिरावट दिख रही है, लेकिन ड्रग व फार्मा निर्यात में भारत ग्लोबल फार्मेसी बनकर उभर रहा है। पिछले साल जनवरी-फरवरी से कोरोना के कारण लॉकडाउन का सिलसिला शुरू हुआ था और मार्च तक कई देशों में लॉकडाउन की शुरुआत हो गई थी। इसके प्रभाव से वित्त वर्ष 2020-21 में निर्यात में बड़ी गिरावट देखने को मिली। चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल-दिसंबर में वस्तुओं के कुल निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 15.73 फीसद की गिरावट हुई है। हालांकि इस मुश्किल परिस्थिति के बीच दवा उद्योग के लिए संभावनाओं के नए द्वार भी खुले। ड्रग व फार्मा के निर्यात में इसी अवधि में 20 फीसद का इजाफा हुआ है। अप्रैल-दिसंबर, 2020 में ड्रग व फार्मा का निर्यात 18.07 अरब डॉलर का रहा, जो सालभर पहले 15.63 अरब डॉलर था।

फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन दिनेश दुआ ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में ड्रग व फार्मा के निर्यात में 25 फीसद तक की बढ़ोतरी हो सकती है। सरकार कोरोना वैक्सीन बनाने वाली भारतीय कंपनियों को निर्यात की खुली इजाजत दे देती है, तो फार्मा का निर्यात और बढ़ जाएगा। उन्होंने बताया कि जेनेरिक दवा का प्रमुख सप्लायर होने की वजह से कोरोना काल में दुनियाभर में भारतीय दवाओं की भारी मांग रही। यूरोप और अमेरिका भारतीय दवा के प्रमुख आयातक हैं। कोरोना काल में भारतीय दवा का 30 फीसद निर्यात अमेरिका में किया गया।

खाद्य पदार्थों के निर्यात में भी बढ़ोतरी

कोरोना काल में वैश्विक बाजार में दवा के साथ भारतीय खाद्य पदार्थो की भी भारी मांग रही। अप्रैल-दिसंबर, 2020 में चावल के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 35.03 फीसद और अन्य अनाज के निर्यात में 155.60 फीसद का जबर्दस्त इजाफा रहा। इसी अवधि में फल व सब्जी के निर्यात में 6.12 फीसद की बढ़ोतरी रही। अनाज को तैयार करने व प्रोसेस्ड आइटम के निर्यात में इस अवधि में 13.46 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप