'मरीजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता', कर्नाटक में नकली दवाओं की जांच के बीच फाइजर ने दी सफाई
फाइजर ने कर्नाटक में नकली दवाओं के चलन पर FDA की कार्रवाई के बाद मरीजों की सुरक्षा और उत्पाद की गुणवत्ता को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

HighLights
फाइजर ने कर्नाटक में नकली दवाओं पर FDA कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी।
मरीजों की सुरक्षा और उत्पाद की गुणवत्ता फाइजर की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कंपनी ने जांच में सहयोग किया, संदिग्ध दवा बैच बाजार से हटाए।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। नकली दवाओं के चलन को लेकर कर्नाटक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए फाइजर ने मंगलवार को कहा कि मरीजों की सुरक्षा और प्रोडक्ट की क्वालिटी उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं।
कर्नाटक के हेल्थ रेगुलेटर ने रविवार को कहा कि उसने नकली दवाओं के कथित वितरण और बिक्री के मामले में रिटेलर्स और होलसेलर्स के 16 ड्रग लाइसेंस रद कर दिए हैं और आठ अन्य को सस्पेंड कर दिया है।
पिछले एक महीने से चल रहा काम
कंपनी ने मंगलवार देर शाम एक बयान में कहा, "फाइजर में हमारे लिए मरीजों की सुरक्षा और प्रोडक्ट की क्वालिटी सबसे ज्यादा जरूरी है।" फाइजर ने दावा किया है कि जब से यह मामला उसके ध्यान में आया है तब से वह पिछले एक महीने से अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
कंपनी ने आगे कहा, "तब से हमने जांच में मदद के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें कन्फ्यूजन से बचने के लिए बाजार से फाइजर के उन बैच को हटाना शामिल है जिनके बैच नंबर की नकल की गई थी। साथ ही असली और नकली प्रोडक्ट के बीच फर्क करने में मदद करना और प्रभावित बैच से जुड़ी तकनीकी व अन्य जरूरी जानकारी देना भी शामिल है।"
फाइजर ने कहा कि वह अधूरे सवालों को सुलझाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया कि उसका ध्यान मरीजों की सुरक्षा, जन-स्वास्थ्य की रक्षा और हेल्थकेयर सिस्टम में भरोसा बनाए रखने पर है।
कर्नाटक एफडीए की कार्रवाई
कर्नाटक एफडीए ने यह कार्रवाई 18 अगस्त को अपने ड्रग-एनफोर्समेंट विंग की जांच के बाद की, जब बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी इलाके में कुरुबाराकेरानाहल्ली के एक फार्महाउस पर बिना लाइसेंस के दवा की रीपैकिंग और रीलेबलिंग का कथित काम पकड़ा गया।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान लगभग 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग का सामान जब्त किया गया।
एफडीए ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पड़ोसी राज्यों से खरीदी गई सस्ती दवाओं को कथित तौर पर नई शीशियों में दोबारा पैक किया जाता था और उन पर मल्टीनेशनल कंपनियों की महंगी जीवन-रक्षक दवाओं के लेबल लगाए जाते थे। इनमें कथित तौर पर फाइजर ब्रांड वाली दवाएं भी शामिल थीं।
