नई दिल्ली, एएनआइ। हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को याचिका दायर की गई। इसमें एनकाउंटर की जांच और उसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की गई है। शुक्रवार तड़के हुए एनकाउंटर में पुलिस ने महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या के चारों आरोपितों को मार गिराया था।

SC के 2014 के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया

दो वकीलों ने याचिका दायर की है और कहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2014 के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया है। हैदराबाद पुलिस ने शुक्रवार को बताया था कि सीन रीकंस्ट्रक्ट करने के लिए वो आरोपितों को घटनास्थल पर ले गई थी, जहां उन्होंने हथियार छीन कर पुलिस पर हमला कर दिया था और भागने की कोशिश की थी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, जिसमें चारों मारे गए थे।

इन चारों पर 27 नवंबर की रात को हैदराबाद के शमशाबाद इलाके में महिला पशु चिकित्सक की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या करने और फिर शव जलाने का आरोप था।

एनएचआरसी ने दिए जांच के आदेश

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने एक बयान में कहा है कि पुलिस मुठभेड़ चिंता का विषय है। इसकी सही तरीके से जांच कराई जाएगी। एनएचआर की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची थी।  

आरोपितों के शवों के सुरक्षित रखने का निर्देश

उधर, तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को ही राज्य सरकार को चारों आरोपितों के शवों को नौ दिसंबर तक सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश से एनकाउंटर को लेकर शिकायत किए जाने के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया। हाईकोर्ट ने शवों के पोस्टमार्टम की रिकॉर्डिग कराकर उसकी सीडी या पेन ड्राइव महबूबनगर के प्रधान जिला जज को देने का आदेश दिया। साथ ही प्रधान जिला जज से इस सीडी या पेन ड्राइव को शनिवार शाम तक हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सौंपने का आदेश दिया है।

 

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