नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मौत की सजा को खत्म करने की मांग की गई है। याचिका में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 354 (5) की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए उसे चुनौती दी गई है, जिसमें दोषी को 'मृत्यु तक फांसी पर लटकाने' का प्रावधान है। इस धारा को संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ करार दिया गया है।

फांसी की सजा को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया

याचिका में सीआरपीसी की धारा 354 (5) को रद करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है और कहा गया है कि यह धारा भारतीय संविधान के बुनियादी ढांचे और विशेषताओं, उसके आदर्श, लक्ष्य, मूल्यों, और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। केरल के 88 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एस परमेश्वरन नंपूथीरी ने यह याचिका दायर की है। उन्होंने इस धारा को संविधान की प्रस्तावना के खिलाफ भी बताया है।

जब राज्य किसी को जिंदगी दे नहीं सकती तो उसे किसी की जान लेने का हक भी नहीं

याचिकाकर्ता ने कहा है कि दुनिया के लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में मौत की सजा को खत्म कर दिया गया है। यह भी कहा गया है कि जब राज्य किसी को जिंदगी दे नहीं सकती तो उसे किसी की जान लेने का हक भी नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि मौत की सजा भारतीय न्याय व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह औपनिवेशिक काल की देन है।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस