नई दिल्ली, प्रेट्र। मानव संसाधन विकास मंत्रालय केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी है, चूंकि आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। हालांकि, दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार की इस अपील पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से इसे मंजूरी नहीं देने को कहा है।

चुनाव आयोग को लिखे एक पत्र में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा, 'विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के आदेश के अनुसार जून, 2019 में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले रिक्त शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों को भरना होगा। इसलिए मंत्रालय चुनाव आयोग से अपील करता है कि वह आदर्श आचार संहिता के तहत इन रिक्त पदों को भरने की अनुमति दें, ताकि नया शैक्षणिक सत्र सुचारु रूप से शुरू किया जा सके।'

मंत्रालय की ओर से चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अध्यापकों के पदों पर नियुक्तियों पर पिछले साल जुलाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। अदालत ने यूजीसी के दिशा-निर्देशों को खारिज कर दिया था। यूजीसी के निर्देश थे कि रिजर्वेशन रोस्टर प्वाइंट की इकाई या कैडर विश्वविद्यालय या काॅलेज से तय होगा। अब यह विभाग या विषय से तय नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह पत्र चुनाव आयोग को एक अप्रैल को भेजा था। उसे अभी भी आयोग के जवाब का इंतजार है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग पहले ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रीसर्च (आइआइएसईआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दे चुका है।

इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को लिखे पत्र में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने लिखा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिल्ली विश्वविद्यालय के काॅॅलेजों में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव से सहमत नहीं है। खासकर जब चुनाव प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयुक्त इसकी इजाजत न दें।

Posted By: Prateek Kumar

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