पेंशनभोगियों से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अपनाने की अपील, घर बैठे जमा करें DLC
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव ने पेंशनभोगियों से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) चुनकर डिजिटल सशक्तिकरण का दूत बनने का आग्रह किया है।

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र चुनें पेंशनभोगी।
HighLights
पेंशन सचिव ने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपनाने का आग्रह किया।
पेंशनभोगी घर बैठे स्मार्टफोन से जीवन प्रमाण पत्र जमा करें।
फेस आथेंटिकेशन तकनीक से डिजिटल सशक्तिकरण का दूत बनें।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की सचिव ने मंगलवार को पेंशनभोगियों से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट चुनकर डिजिटल सशक्तिकरण का दूत (एंबेसडर) बनने का आग्रह किया। पेंशनभोगियों को हर साल लाइफ सर्टिफिकेट (जीवन प्रमाण पत्र) जमा करना होता है।
डीएलसी के जरिए यह प्रक्रिया जीवन प्रमाण नामक बायोमीट्रिक-आधारित डिजिटल सेवा के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जा सकती है।
सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने जोर दिया कि विभाग की सभी पहलों के केंद्र में पेंशनभोगी ही होते हैं। डीएलसी अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि यह हर पेंशनभोगी तक पहुंचे, जिसमें दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनभोगी भी शामिल हैं।
उन्होंने पेंशनभोगियों से अपने अनुभव साझा करके और अन्य पेंशनभोगियों को फेस आथेंटिकेशन (चेहरे से पहचान करने वाली) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करके डिजिटल सशक्तिकरण का दूत बनने को कहा।
पेंशनभोगी किसी और पर निर्भर रहे बिना या बैंक शाखाओं में जाए बिना, अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके घर बैठे ही अपना डीएलसी बना सकते हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)