'जग्गा जासूस', राजनाथ सिंह के सत्ता परिवर्तन वाले दावे पर कांग्रेस ने कसा तंज
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रशांत भूषण के 'सत्ता परिवर्तन' बयान पर राजनाथ सिंह की आपत्ति को पाखंड बताया।
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पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह के बयान पर आपत्ति जताई।
HighLights
पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह के बयान पर आपत्ति जताई।
चुनाव से सरकार बदलना लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।
खेड़ा ने बीजेपी पर पाखंड का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर राजनाथ सिंह की आपत्ति को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बीजेपी पर पाखंड का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य स्पष्ट है और वो चुनाव के जरिए सरकार को हराना चाहते हैं।
पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह की अलोचना की
'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है' शीर्षक से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, 'हम अपना लक्ष्य फिर से दोहरा रहे हैं.. हमें इस सरकार को हराना है और इस व्यवस्था को बदलना है। तो फिर राजनाथ सिंह जग्गा जासूस क्यों बन गए हैं?'
चुनाव के माध्यम से सरकार बदलना लोकतंत्र का हिस्सा
पवन खेड़ा ने तर्क दिया कि चुनावों के माध्यम से सरकार बदलना लोकतंत्र का एक सामान्य हिस्सा है। उन्होंने 1977 का जिक्र करते हुए कहा, 'हम तो कह रहे हैं कि रिजीम चेंज करेंगे साहब... 77 में क्या हुआ था रिजीम नहीं बदला था? हर बार जब कोई विपक्ष सड़क पर आता है, कोई आंदोलन होता है.. तो रिजीम बदलता है। भारत जैसे लोकतंत्र में रिजीम कैसे बदलता है? चुनावों के जरिए… चुनाव के जरिए ही तो रिजीम बदलना मकसद होता है विपक्ष का, और क्या मकसद होता है…' खेड़ा ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, 'वह लोकतंत्र का पालन करने की आदत भूल चुकी है।'
राजनाथ सिंह के किस बयान पर कसा तंज
प्रशांत भूषण के बयान को लेकर बीजेपी विपक्षी दलों पर निशाना साध रही है। बीजेपी की तरफ से शुक्रवार को राजनाथ सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों ने सत्ता परिवर्तन जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उनकी यह लड़ाई चुनाव सुधार या SIR से जुड़े मुद्दों के लिए नहीं हैं।
क्या बोले थे प्रशांत भूषण
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच वकील प्रशांत भूषण ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था और कहा कि अगर सरकार को यह लगता है कि यह सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है तो हां रिजीम चेंज करना चाहते हैं।
2013-14 में बीजेपी के दोस्त थे प्रशांत भूषण
प्रशांत भूषण का बचाव करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि जिस वकील के खिलाफ ये लोग बातें कर रहे हैं, वहीं वकील 2012-13 में हमारे रिजीम के खिलाफ आंदोलन करते थे और बीजेपी इनकी चीयरलीडर बनी हुई थी। तब भी वो रिजीम चेंज की बात करते थे।
पवन खेड़ा ने कहा कि आज जब वह रिजीम चेंज की बात करते हैं तो बीजेपी को परेशानी होती है। बीजेपी को जब लोकतंत्र की तपिश झेलनी पड़ती है तो उन्हें गुस्सा आता है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी समझ गई है कि सत्ता उनके हाथ से जाने वाली है।
