'...तब आपकी देशभक्ति कहां थी?', संसद में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान खरगे का भाजपा पर हमला
संसद के शीतकालीन सत्र में मल्लिकार्जुन खरगे ने वंदे मातरम् को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने नेहरू पर भाजपा ...और पढ़ें

राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे।
HighLights
खरगे ने वंदे मातरम् पर भाजपा को घेरा
नेहरू पर लगाए आरोपों को खरगे ने बताया गलत
भाजपा के इतिहास पर खरगे ने उठाए सवाल
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने वंदे मारतरम् को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर हमला करने से पहले भाजपा को इतिहास पढ़ लेना चाहिए।
उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री मोदी का भाषण सुना, उन्होंने नेहरू जी पर आरोप लगाते हुए कहा- 1937 में नेहरू जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने मूल 'वंदे मातरम्' गीत से महत्वपूर्ण पद हटा दिए थे। आज भाजपा के लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। लेकिन जब भाजपा के पुरखे श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मुस्लिम लीग के साथ बंगाल में सरकार चला रहे थे, तब आपकी देशभक्ति कहां थी? भाजपा को अपना इतिहास पढ़ना चाहिए।"
'हमेशा की तरह सदन को किया गुमराह'
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सुभाष चंद्र बोस जी को लेकर नेहरू जी की चिट्ठी का जिक्र किया। हमेशा की तरह उन्होंने सदन को गुमराह किया। नरेंद्र मोदी जी के आरोप तथ्य से परे हैं और लोगों को भ्रमित करने वाले हैं। सच्चाई यह है कि 16 अक्टूबर 1937 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी को पत्र लिखा और उनसे पूछा कि कांग्रेस को 'वंदे मातरम्' के प्रति क्या रुख अपनाना है? इसके अगले दिन नेताजी ने नेहरू जी को पत्र लिखा और सुझाव दिया कि नेहरू जी को इस विषय पर गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर जी से व्यक्तिगत रूप से मिलना चाहिए।"
'आपके लोग कर रहे थे अंग्रेजों की नौकरी'
उन्होंने यह भी कहा, "महात्मा गांधी जी ने जब 1921 में 'असहयोग आंदोलन' छेड़ा, तब लाखों कांग्रेस के कार्यकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी- भारत माता की जय, महात्मा गांधी जी की जय का नारा लगाते हुए जेल जा रहे थे। जबकि उसी समय आपके (आरएसएस-भाजपा) लोग अंग्रेजों की नौकरी कर रहे थे। आज आप हमें देशभक्ति सिखा रहे हैं।"
