कोची, एएनआइ। केरल उच्च न्यायालय ने बुधवार को पलक्कड़ यौन उत्पीड़न मामले में पीड़िता की मां की अपील को स्वीकार कर लिया। उसने आरोपी को बरी करने के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने आरोपी और सरकार को नोटिस भी जारी किया। अक्टूबर में, एक विशेष अदालत ने 2017 में वालयार में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न और हत्या के तीन आरोपियों को बरी कर दिया था। तीन लोगों ने कथित रूप से 9 साल की एक लड़की और 13 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न किया था। ये दोनों ही बहने थी।

POCSO के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज

जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस ने वी मधु, शिबू और एम मधु के रूप में पहचाने गए तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और उन पर यौन अपराधों से बालकों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए थे।

जानें क्या है मामला 

गौरतलब है कि इस साल जनवरी में पलल्कड़ में दो बहनों ने यौन उत्पीड़न के बाद आत्महत्या कर ली थी। बड़ी बहन की उम्र 13 साल थी जबकि छोटी बहन की उम्र 9 साल थी। अपने साथ हुई इस घटना के दो महीने बाद दोनों ने खुदखुशी कर ली थी। हालांकि, उनके साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिए हुआ था। बता दें कि केरल की एक विशेष अदालत ने पलक्कड मामले में दो नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपियों को बरी कर दिया था। जिसके बाद पीड़ित लड़कियों की मां ने पुलिस और राज्य की वामपंथी सरकार पर आरोप लगाया था। पीड़ित बच्चियों की मां ने कहा था कि पुलिस और सरकार आरोपियों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच ठीक से नहीं कर रही थी। वहीं सभी आरोपी स्थानीय स्तर पर वामपंथी दलों के लिए काम करते थे। इसलिए उन्हें वामपंथी सरकार का समर्थन मिला है। 

Posted By: Ayushi Tyagi

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