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कश्मीर में आतंकी हमला करके पीओके के विद्रोह से ध्यान भटकाना चाहता है पाकिस्तान, विशेषज्ञों का बड़ा दावा

Published: Sat, 01 Aug 2026 06:19 AM (IST)Updated: Sat, 01 Aug 2026 07:12 AM (IST)

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए कश्मीर में आतंकी हमला किया गया है।

पाकिस्तान कश्मीर में आतंकी हमले से पीओके से ध्यान भटकाना चाहता है: विशेषज्ञ

पाकिस्तान कश्मीर में आतंकी हमले से पीओके से ध्यान भटकाना चाहता है: विशेषज्ञ

HighLights

  1. पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी पीओके में बढ़ते असंतोष से घबराई हुई है

  2.  पाकिस्तान कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बर्दाश्त नहीं कर पा रहा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने एक प्रवासी मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी और एक अन्य को घायल कर दिया। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिए ऐसा हमला किया गया है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आतंकियों ने सूर्यास्त के बाद प्रवासी मजदूरों पर फायरिंग की और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा के फ्रंट द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ होने का संदेह है। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

यह दक्षिण कश्मीर में चार साल के अंतराल के बाद प्रवासी मजदूरों पर पहला हमला है। 22 जुलाई के बाद कश्मीर घाटी में यह दूसरा टारगेटेड किलिंग है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पीओके में असामान्य विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। रवालाकोट, मुजफ्फराबाद और मीरपुर में हजारों लोग महंगाई, बिजली कटौती और सैन्य दमन के खिलाफ सड़कों पर उतरे हुए हैं। वहां आजादी के नारे गूंज रहे हैं।

सुरक्षा और खुफिया विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान और उसकी जासूसी एजेंसी पीओके में बढ़ते असंतोष से घबराई हुई है। पूर्व पुलिस प्रमुख एसपी वैद ने कहा, “कश्मीर में हमले कर वे पीओके से ध्यान भारत की ओर मोड़ना चाहते हैं और ऐसी हत्याओं से जम्मू-कश्मीर में भय का माहौल पैदा करना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। इसलिए वह फिर से अपने आतंकी प्रॉक्सी को निर्दोष और निहत्थे नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसा रहा है।

इस साल कश्मीर में सामान्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पर्यटन भी मजबूत वापसी कर चुका है। कुलगाम हमले के बाद दक्षिण कश्मीर, खासकर यात्रा मार्गों और प्रवासी मजदूरों वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमलावरों की तलाश जारी है।

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