नई दिल्ली, प्रेट्र। पाकिस्तान ने पिछले तीन साल में 10,752 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इनमें 72 जवान और 70 नागरिकों की मौत हुई। गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2018, 2019 और 2020 में संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं में 364 जवान तथा 341 नागरिक घायल भी हुए।

अपने एक लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि इन तीन सालों में जम्मू-कश्मीर में 1,452 आतंकी हमले हुए, जिनमें सुरक्षा बलों के 233 जवान शहीद हुए। इन घटनाओं में 115 नागरिकों की भी मौत हो गई। जबकि मुठभेड़ों में 635 आतंकी मारे गए। इस कारण आतंकी घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति अपना रखी है और सुरक्षा बल सीमा पार से होने वाले संघर्ष विराम उल्लंघन का तत्काल ही जवाब देते हैं।

भीमा कोरेगांव मामले में 21 के खिलाफ आरोपपत्र दायरउन्होंने बताया कि भीमा कोरेगांव मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि 21 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। सरकार ने मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से जारी उस प्रेस विज्ञप्ति का भी उचित जवाब दिया है, जिसमें एनजीओ से जुड़े लोगों के मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही गई है।

जम्मू-कश्मीर में जारी हुए 33.8 लाख डोमिसाइल सर्टिफिकेट

उन्होंने सदन को यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में 25 जनवरी तक 33.8 लाख डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किए गए। यह भी बताया कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में 54 आतंकी घटनाओं में 58 नागरिक मारे गए।

पुंछ और कठुआ में पाकिस्तान ने की गोलाबारी

आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान ने पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर मंगलवार को भी गोलाबारी की। हालांकि, भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी है। कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी पाकिस्तान ने गोले दागे हैं। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप