राजौरी, गगन कोहली। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ दुष्प्रचार के लिए अपने एफएम चैनलों को नया हथियार बना लिया है। चैनलों की रेंज बढ़ाकर उसने सीमावर्ती भारतीय आबादी को अपनी जद में ले लिया है और जीभर कर जहर उगल रहा है। जम्मू कश्मीर के सीमांत नागरिकों को गुमराह कर भड़काने की साजिश जमकर चल रही है। भारत सरकार को इस पर जल्द ठोस कदम उठाने पर सोचना होगा। प्रसार भारती और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय फिलहाल मौन हैं।

जम्मू संभाग के राजौरी और पुंछ जिले के सीमांत गांवों में पाकिस्तान के एफएम चैनलों को सुना जा सकता है। जब नईदुनिया के सहयोगी प्रकाशन दैनिक जागरण ने इसकी पड़ताल की तो पाया कि राजौरी में जम्मू से एक ही एफएम चैनल चल रहा है, जो दोपहर एक बजे बंद हो जाता है। इसके अलावा कोई भी एफएम चैनल नहीं चलता। इस दौरान पाकिस्तानसे चलने वाले 10 से अधिक एफएम चैनल अपना काम शुरू कर देते हैं। इन चैनलों पर पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपने एजेंडे को अंजाम देता है। जमकर जहर उगलता है।पाकिस्तान के इस दुष्प्रचार को रोकने के लिए भारत की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

कश्मीर में खून-खराबे को उकसा रहा

पाकिस्तान के एफएम चैनलों में हिंदी फिल्मों के गीत भी प्रसारित किए जाते हैं, इस बहाने शुरू हो जाता है भारत के खिलाफ जहर उगलने का काम। विशेषषकर युवाओं को भारतीय सेना, धर्म और कश्मीर में खून खराबे के लिए उकसाया जाता है। मेंढर के मोहम्मद इम्तिहाज ने कहा कि केंद्र को इसे गंभीरता से लेना होगा। पाकिस्तान हमारे युवाओं को बरगलाने की चालें चल रहा है।

पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषषा का उपयोग

पाकिस्तानके एफएम रेडियो चैनलों में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जमकर अभद्र भाषषा का उपयोग किया जा रहा है। उन पर कट्टरवादी होने के आरोप लगाए जा रहे हैं और उनके जीवन पर कटाक्ष और व्यंग्य कसे जाते हैं।

कई किलोमीटर अंदर तक घुसपैठ

पाक के चैनल एलओसी से 30 किलोमीटर अंदर भारतीय गांवों में भी आसानी से घुसपैठ कर चुके हैं। पांच अगस्त से पहले यह चैनल एलओसी से मात्र एक से दो किलोमीटर के दायरे में ही सुनाई देते थे, अब सीमा के कई किलोमीटर अंदर सुनाई देना खतरे की घंटी है। ये चैनल जम्मू-पुंछ हाईवे पर भी सिग्नल पक़़ड रहे हैं।

कभी-कभी आता है जालंधर का सिग्नल

राजौरी में दोपहर एक बजे तक जम्मू से प्रसारित होने वाला एफएम चलता है। इसके बाद मीडियम वेब पर रेडियो जम्मू व कभी-कभी जालंधर का सिग्नल आता है। वह इतना कम होता है कि कुछ भी सही ढंग से सुनाई ही नहीं देता है। पाकिस्तानी चैनल आसानी से उपलब्ध होने के कारण और हिंदी गाने के मोह में लोग इन्हें सुन रहे हैं।

ये चैनल सुनाई दे रहे हैं

अपना कराची, समा एफएम, हाट एफएम, रेडियो एक्टिव, जेब एफएम, सिटी एफएम 89 जैसे पाकिस्तानी चैनल यहां सुनाई दे रहे हैं।

केंद्र नजर रखे हुए है

प्रोग्राम इंचार्ज रेडियो पुंछ के अनुसार पाक की ओर से जो दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है उसका हमारे पुंछ जिले में कोई असर नहीं है। उलटा पाकिस्तान के अधिकतर क्षेत्रों में विवध भारतीय और रेडियो पुंछ के कार्यक्रमों को ब़़डी रोचकता से सुना जाता है। रही बात पाक के सिगनल्स की रेंज ब़़ढाने की तो इस पर भी केंद्र नजर रखे हुए है।

वर्जन

गंभीरता से लिया सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो पाकिस्तान के भारत के खिलाफ दुष्प्रचार को रोकने के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। एक अधिकारी ने दैनिक जागरण से कहा, इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। एजेंसियों ने एलओसी पर कई जगह जैमर भी लगाए हैं।

Posted By: Manish Pandey

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