राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए कश्मीर समेत पूरी दुनिया में सामान्य गतिविधियां ठप हैं पर पाकिस्तान अभी भी आतंकी साजिशें रचने में लगा है। सुरक्षा बलों की मुहिम और कोरोना के खतरे से खौफ में आए आतंकी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ा रहा है। पर उन्हें चिंता है कि बाहर निकले तो सुरक्षाबल कभी भी उनका शिकार कर सकते हैं। इसके साथ ही कोरोना का भूत भी उन्हें डरा रहा है। इस कारण वह उपस्थिति दिखाने के लिए छिटपुट वारदात के अलावा सिमटे हुए हैं।

लश्कर नया संगठन खड़ा करने की फिराक में, सुरक्षाबल चौकस

पाकिस्तानी एजेंसियों के दबाव में लश्कर नया संगठन खड़ा करने की फिराक में है। इन तमाम स्थितियों के प्रति सुरक्षाबल चौकस हैं और आतंकियों को उनके बिल से खोजकर या तो ढेर कर रहे हैं या फिर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।

कश्मीर घाटी में पहली जनवरी के बाद से अब तक 28 आतंकी ढेर, सुरक्षाबल दे रहे करारा जवाब

कश्मीर घाटी में पहली जनवरी के बाद से 27 मार्च तक लगभग 28 आतंकी मारे जा चुके हैं। इस दौरान चार सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं। इससे खिसियाए आतंकियों ने छह नागरिकों को निशाना बनाया। पहली फरवरी के बाद से 21 आतंकी मारे गए हैं। बीते 87 दिनों में वादी में सुरक्षाबलों ने करीब एक दर्जन आतंकी व दो दर्जन उनके ओवरग्राउंड वर्कर भी पकड़े गए हैं।

सीमा पार से आतंकियों को वारदात बढ़ाने के लिए उकसाया जा रहा

उधर नियंत्रण रेखा के पार से उन्हें लगातार वारदात बढ़ाने के लिए उकसाया जा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते दबाव के बीच लश्कर ने एक नया संगठन 'रजिस्टेंस फोर्स जेके' तैयार कर वारदात को अंजाम देने का फरमान सुनाया। पर उसकी साजिशें सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के आगे विफल हो गई और इससे जुड़ा मॉड्यूल ध्वस्त कर छह आतंकियों को दबोच लिया। साथ ही हथियारों के एक बड़े जखीरे को भी बरामद किया है।

साजिशों को विफल बनाने के लिए सुरक्षाबलों की मुहिम जारी

ऐसी तमाम साजिशों को विफल बनाने के लिए सुरक्षाबलों की मुहिम जारी है। दक्षिण कश्मीर के साथ उत्तरी कश्मीर और श्रीनगर के विभिन्न हिस्सों में आतंकियों के संभावित ठिकानों पर औचक छापेमारी की जा रही है।

आतंकियों के आकाओं का मकसद घाटी में हालात बिगाड़ना

कश्मीर में आतंकरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभा चुके एसएसपी इम्तियाज मीर ने कहा कि आतंकियों और उनके आकाओं का मकसद यहां हालात बिगाड़ना और लोगों में दहशत पैदा करना होता है। उन्हें लोगों की परेशानियों से कोई मतलब नहीं। उन्हें जिस तरह से उनके आका कहेंगे, वह उसी स्तर पर साजिशें रचते हैं। जनवरी से आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ की कोशिशें बढ़ जाती हैं। इसी स्तर पर हमारे अभियान भी तेज रहते हैं।

आइजीपी ने कहा- जल्द ही आतंकियों के ओवरग्राउंड नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त कर देंगे

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार के अनुसार आतंकी चूंकि दबाव में हैं। ऐसे में अब अपनी उपस्थिति का अहसास दिलाने के लिए निर्दाेष लोगों को निशाना बना रहे हैं। कुलगाम में निर्दोष की हत्या यही साबित करती है। हम आतंकियों के सफाए में जुटे हैं। जल्द उनके ओवरग्राउंड नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त कर देंगे। हमने अपने अभियानों को किसी भी तरह से स्थगित नहीं किया है। साथ ही नए लड़कों को आतंकी संगठनों में शामिल होने से बचाया है।

Posted By: Bhupendra Singh

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