नई दिल्ली, प्रेट्र। 1971 में मिली करारी हार का बदला लेने के लिए सीमा पर पाक लगातार गोलीबारी कर रहा है, लेकिन भारतीय फौजें भी उसे मुंहतोड़ जवाब दे रही हैं। यह कहते हैं बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा।

राजस्थान कैडर के आइपीएस अफसर का कहना है कि उस समय बांग्लादेश के गठन से पाक तिलमिला गया था। इसी वजह से आइएसआइ अस्तित्व में आई। इसका एकमात्र उद्देश्य भारत के टुकड़े कराना है। खुफिया एजेंसी ने पहले खालिस्तान के एजेंडे को आगे बढ़ाकर पंजाब को भारत से अलग करने की कोशिश की और अब यह मुहिम जम्मू-कश्मीर में चलाई जा रही है, लेकिन पाक को फिर से मुंह की खानी पड़ेगी। उनका कहना है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां हर समय अलर्ट हैं और पाक की गोलीबारी का हर बार करारा जवाब दिया जा रहा है।

बीएसएफ ने 2016 में रुस्तम, 2017 में अर्जुन और अब भीम के जरिये पाक की फौजों को पीछे धकेला है। तीन से 24 जनवरी तक चले भीम आपरेशन में आठ से दस पाक रेंजर्स के साथ 24 नागरिक मारे गए, जबकि 65 लोग जख्मी हुए, जबकि भारत में तीन बीएसएफ जवान मारे गए और आठ नागरिकों को जान से हाथ धोना पड़ा। कुल 55 लोग इस जवाबी कार्रवाई में जख्मी हुए। उनका कहना है कि भारत सीज फायर का उल्लंघन कभी नहीं करता है। उनका कहना है पाक जब भी गोलीबारी करता है तब उसकी मंशा आतंकियों की घुसपैठ कराने की होती है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस तरह की गतिविधि कम है, लेकिन पाक खुफिया एजेंसी से जुड़े लोग वहां पर भी सेंध लगाने की कोशिश में जुटे हैं।

Posted By: Manish Negi

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