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पाकिस्तान ने भारत सीमा पर तैनात की चीन से मंगाई 250 हॉवित्जर तोप, 72 किमी तक हमला करने में सक्षम

Published: Sun, 02 Aug 2026 09:42 PM (IST)

पाकिस्तान ने भारत से सटी अपनी पूर्वी सीमा पर 250 चीन निर्मित SH-15 हॉवित्जर तोपें तैनात की हैं।

पाकिस्तान ने भारत सीमा पर तैनात किए 250 चीनी SH-15 हॉवित्जर।

पाकिस्तान ने भारत सीमा पर तैनात किए 250 चीनी SH-15 हॉवित्जर।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के साथ अपनी पूर्वी सीमा पर सैन्य जमावड़ा बढ़ाते हुए पाकिस्तान ने 250 चीन निर्मित SH-15 ट्रक माउंटेड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर की तैनाती की है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने भारत से सटी अपनी पूरी पूर्वी सीमा के रणनीतिक क्षेत्रों में इन 155 MM आर्टिलरी सिस्टमों को योजनाबद्ध तरीके से तैनात करना शुरू कर दिया है।

यह हलचल मई 2025 में भारत की तीनों सेनाओं द्वारा चलाए गए काउंटर-टेररिज्म अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद देखने को मिली है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) के पार और पाकिस्तानी क्षेत्र के भीतर सटीक प्रहार कर आतंकवादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद से ही पाकिस्तान अपनी सशस्त्र सेनाओं के आधुनिकीकरण में जुटा हुआ है।

SH-15 हॉवित्जर की मारक क्षमता और खासियतें

चीन की सरकारी रक्षा निर्माता कंपनी NORINCO द्वारा निर्मित SH-15 तोप, चीनी सेना (PLA) के PCL-181 व्हील्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर का निर्यात संस्करण है। 6x6 बख्तरबंद शानक्सी ट्रक चेसिस पर आधारित यह सिस्टम तेजी से तैनाती के लिए बनाया गया है। यह सड़कों पर 90 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ सकता है और दुर्गम इलाकों में तुरंत अपनी जगह बदल सकता है।

155mm/52-कैलिबर का यह प्लेटफॉर्म मानक नाटो-संगत गोला-बारूद से 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना लगा सकता है। वहीं, रॉकेट-असिस्टेड V-LAP गोलों के जरिए यह 53 से 72 किलोमीटर दूर स्थित ठिकानों को भी तबाह कर सकता है।

इसमें फायर-कंट्रोल सिस्टम और हाइड्रोलिक स्टेबलाइजिंग स्पैड दिए गए हैं। यह प्रणाली प्रति मिनट 6 राउंड फायर कर सकती है। साथ ही दुश्मन की जवाबी कार्रवाई से पहले ही अपनी लोकेशन बदलने में भी सक्षम है।

हमलावर क्षमता हुई मजबूत

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि 250 SH-15 हॉवित्जर मिलने से पाकिस्तानी सेना की कई आर्टिलरी रेजीमेंट पूरी तरह से लैस हो जाएंगी, जिससे उसकी लंबी दूरी की पारंपरिक हमलावर क्षमता मजबूत हुई है।

चीन-पाकिस्तान का बढ़ता गठबंधन

पाकिस्तान की यह तैनाती इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच लगातार गहरे हो रहे सैन्य संबंधों को दर्शाती है। हथियारों की आपूर्ति के अलावा, दोनों देश नेटवर्क कमांड-एंड-कंट्रोल और कंबाइंड-आर्म्स ऑपरेशन्स को बेहतर बनाने के लिए लगातार संयुक्त सैन्य अभ्यास भी कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने मनाई PLA की 99वीं वर्षगांठ

इसी बीच, शनिवार को रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में पाकिस्तान ने चीनी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने दोनों देशों के संबंधों को अद्वितीय, समय की कसौटी पर खरा उतरने वाल और बदलते वैश्विक व क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच मजबूत करार दिया।

पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, इस समारोह में चीनी राजदूत जियांग ज़ैडोंग, रक्षा अटैच मेजर जनरल वांग झोंग और पाकिस्तान के तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।