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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाकाल की भस्मारती के लिए सशुल्क अनुमति, कोटा सिस्टम खत्म

By Monika minalEdited By:
Published: Fri, 31 Mar 2017 10:26 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 31 Mar 2017 11:52 AM (GMT+05:30)

अब तक कई सरकारी विभागों के लिए ज्योमतिर्लिंग महाकाल मंदिर की भस्मारती अनुमति के लिए कोटा आवंटित था, जिसे खत्म कर दिया गया है।

महाकाल की भस्मारती के लिए सशुल्क अनुमति, कोटा सिस्टम खत्म
महाकाल की भस्मारती के लिए सशुल्क अनुमति, कोटा सिस्टम खत्म

उज्जैन (जेएनएन)। ज्‍योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की भस्मारती अनुमति के लिए विशेष कोटा का प्रावधान शुक्रवार से खत्म हो जाएगा। अब सभी आम और खासजन को कॉमन प्लेटफार्म पर जाकर भस्मारती अनुमति लेना होगा।

मंदिर प्रबंध समिति के इस फैसले से 1 अप्रैल को होने वाली भस्मारती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन अनुमति के लिए 100 रुपये और ऑफलाइन के लिए 10 रुपये चुकाने होंगे। नए वित्तीय वर्ष की पहली भस्मारती के लिए शुक्रवार को ही अनुमति लेना होगा।

बता दें कि अब तक कई सरकारी विभागों के लिए चार से 25 लोगों के दर्शन के लिए कोटा आवंटित था, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। भस्मारती के लिए 1200 श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाती है। मंदिर में विशेष दर्शन शुल्क भी शनिवार से बढ़ जाएगा। यानी अब 150 के बजाए अब 250 रुपए चुकाने होंगे तब जाकर शीघ्र दर्शन की सुविधा मिलेगी। मंदिर की आय बढ़ाकर सुविधाएं और उत्कृष्ट बनाने के मकसद से ये दो बड़े बदलाव मंदिर प्रबंध समिति ने किए हैं।

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