नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। हमारी सरहदों की चौकस निगहबानी करने वाली हमारी सेना के जखीरे में ऐसे अचूक हथियार हैं, जिनके नाम से ही दुश्मन सिहर जाते हैं। जिनके प्रताप के आगे दुश्मनों का इकबाल फीका पड़ जाता है। वे हमारे ऊपर कुदृष्टि डालने से पहले हजार बार सोचने को विवश होते हैं। भारतीय सेना के मौजूदा अचूक हथियारों पर पेश है एक नजर:

विक्रमादित्य विमानवाहक पोत
नौसेना के इस विमानवाहक पोत की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 500 किमी के इलाके में बिना इसकी मर्जी के परिंदा भी पर नही मार सकता है। इस पर तैनात मिग-29 लड़ाकू विमान इसकी ताकत और मारक क्षमता में इजाफा करते हैं। हमारी समुद्री सीमाएं इसके बूते ही सुरक्षित हैं।

अग्नि पांच
सेना के लिए डीआरडीओ की बनाई गई इस खतरनाक मिसाइल की टक्कर वाली पूरे एशिया में कोई मिसाइल नहीं है। पाकिस्तान ही नहीं चीन भी इस मिसाइल को लेकर सशंकित है। इसकी मारक क्षमता 5000 किमी है। यह पूरे चीन से लेकर यूरोप तक प्रहार करने में सक्षम है। जल्द ही इसे सेना में शामिल किए जाने पर मुहर लग सकती है।

परमाणु पनडुब्बी अरिहंत
इस स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी के साथ के-15 मिसाइल घातक बन जाती है। इसीलिए इसे सैन्य रणनीति के हिसाब से डेडली कांबिनेशन माना जाता है। इसकी रेंज 750 किमी है लेकिन अब इसकी जगह और अधिक रेंज वाली के-4 मिसाइल का परीक्षण चल रहा है। महीनों समंदर के अंदर रहकर अरिहंत दुश्मन के जहाज या दूसरे टॉरगेट को पलक झपकते ही तबाह कर सकती है।

सुखोई-30
वायुसेना का लड़ाकू विमान जब ब्रह्मोस मिसाइल के साथ उड़ान भरता है तो दुश्मन की नींद हराम हो जाती है। सुखोई का ब्रह्मोस मिसाइल से लैस होना इसे ज्यादा घातक बनाता है।

रॉफेल जेट
फ्रांस में बने रॉफेल लड़ाकू विमान का कोई सानी नही है। 2019 में यह भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएगा। दुनिया के बेहतरीन लड़ाकू जेट में एक रॉफेल परमाणु हमले को अंजाम देने की क्षमता से लैस होगा।

एस 400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम
भारत जल्द ही ये एयर डिफेंस सिस्टम रूस से खरीदेगा यह एक ऐसी एयर डिफेंस प्रणाली है जो 400 किमी के दायरे में बाहरी हमले से देश की रक्षा करेगी। साथ ही इतने ही दायरे में दुश्मन के किसी भी ठिकाने को तबाह करने की भी क्षमता है। अगर कोई देश हमारे ऊपर मिसाइल छोड़ता है तो इस सिस्टम को तुरंत पता चल जाएगा और उस मिसाइल की रफ्तार और दूरी का आकलन करके यह उसे मार गिराने वाली दूसरी मिसाइल यहां से छोड़ देगा।

धनुष तोप
स्वदेश निर्मित यह तोप अब सेना में शामिल होने को तैयार है। इस 155 एमएम तोप को देसी बोर्फोस भी कहा जाता है। 45 किमी सटीक मार करने वाले इस तोप की गिनती बेहतरीन तोपों में की जा रही है। 

स्मर्च
करीब 80 से 90 किमी रेंज वाले इस रॉकेट को तूफान भी कहा जाता है। एक बार अगर दुश्मन को टारगेट करके फायर कर दिया जाए तो उसको बचने का मौका नहीं मिलता है। ये रूस से लिया गया हथियार है। इसकी फायरिंग क्षमता इसकी ताकत बताती है। इसमें 12 बैरल लगे होते है और एक-एक कर लांचर से रॉकेट फायर होते है।

Posted By: Sanjay Pokhriyal